आलीराजपुर के बोरी थाना क्षेत्र में बेवा महिला से गैंगरेप, डकैती और बर्बरता के विरोध में रविवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बोरी गांव और आसपास गांव वालों व युवाओं ने बाइक रैली निकाली। इस दौरान ‘पीड़िता को न्याय दो’, ‘दोषियों को गिरफ्तार करो’ और ‘कड़ी कार्रवाई करो’ जैसे नारे लगाए गए। नगर बंद भी कराया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो चक्काजाम कर आंदोलन किया जाएगा। इधर, प्रदेश कांग्रेस ने भी मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। बता दें कि शुक्रवार रात 8 से 10 हथियारबंद बदमाशों ने घर में घुसकर महिला को बंधक बनाकर गैंगरेप किया। उसके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी डाल दी। पीड़िता को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से इंदौर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है। यहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। शनिवार को एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया ने घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 8 किलो चांदी की तलाश में घर खोद डाला बदमाशों को शक था कि महिला ने घर में 8 किलोग्राम चांदी छिपा रखी है। डरी-सहमी महिला ने अपने पास की 1 किलोग्राम चांदी उन्हें सौंप दी, लेकिन वे बाकी चांदी की मांग पर अड़े रहे। चांदी की तलाश में बदमाशों ने घर का सामान बिखेर दिया और भीतर तीन से चार जगह खुदाई की। डॉक्टर बोले- प्राइवेट पार्ट्स पर गंभीर चोट जिला अस्पताल के डॉक्टर अमित दलाल का कहना है कि पीड़ित के प्राइवेट पार्ट्स में गंभीर चोट है। आसपास के क्षेत्र में सूजन भी है। शरीर पर संघर्ष (जबरदस्ती) के संकेत भी हैं। इनमें हाथ, पैर और जांघों पर चोट के निशान शामिल हैं। पीड़ित के साथ गंभीर शारीरिक हिंसा हुई है। साथ ही, किसी कठोर लकड़ी का प्रयोग किया गया है। बताया जाता है कि पुलिस ने महिला को देवर को पूछताछ के लिए बैठाया है। कांग्रेस ने बनाई पांच सदस्यीय कमेटी प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें पूर्व मंत्री बाला बच्चन, पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक झूमा सोलंकी, विधायक सेना पटेल व विधायक विक्रांत भूरिया शामिल हैं। समिति घटनास्थल व संबंधित तथ्यों का अध्ययन कर प्रतिवेदन प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को सौंपेगी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आदिवासी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष व झाबुआ विधायक विक्रांत भूरिया ने शनिवार रात इंदौर के एमटीएच अस्पताल पहुंचकर पीड़ित से मुलाकात कर उसका हाल जाना। भूरिया ने कहा कि 20 जुलाई से प्रारंभ होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र में इस घटना समेत प्रदेश में दलितों, आदिवासियों और महिलाओं पर बढ़ते अपराधों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा सरकार से जवाब मांगा जाएगा। विक्रांत भूरिया ने कहा कि यह केवल एक महिला पर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता पर हमला है। मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जो गृह मंत्री भी हैं, प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल साबित हुए हैं। जयस ने रोष जताया आदिवासी संगठन जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने भी घटना पर रोष जताया है। संगठन ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो जिलेभर में आंदोलन किया जाएगा। जयस ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। यह भी पढ़ें- आलीराजपुर जिले के बोरी क्षेत्र में शुक्रवार रात हथियारबंद बदमाशों ने एक विधवा महिला के घर में घुसकर लूटपाट की। बदमाशों ने महिला को बंधक बनाकर गैंगरेप किया। इस दौरान उसके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी डाल दी। पीड़िता को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पढ़ें पूरी खबर
