राजधानी भोपाल में 10 इलेक्ट्रिक बसें और दौड़ेंगी। अभी 3 रूट पर 20 बसें चल रही हैं। कल यानी, 24 अगस्त से इनकी संख्या 30 हो जाएगी। इसके बाद हर 10 से 15 मिनट में यात्रियों को बसें मिल जाएंगी। कोलार रोड, बावड़ियाकलां, बैरागढ़, एमपी और आईएसबीटी के बीच बेहतर कनेक्टिविटी हो जाएगी। खास बात ये है कि सभी बसें एमपी नगर से होकर गुजरेगी। ऐसे में नौकरीपेशा और स्टूडेंट्स के लिए राहत वाली बात है। वर्तमान में ई-बसों को ऐसे 3 रूट पर चलाया जा रहा है, जो शहर के बड़े हिस्से को कवर कर लेती हैं। इनमें बैरागढ़, कोलार रोड, एमपी नगर, न्यू मार्केट, कोलार रोड, बावड़ियाकलां, सलैया, रोहित नगर, अशोका गार्डन, सुभाषनगर, कोहेफिजा, पीर गेट जैसे बड़े इलाके भी शामिल हैं। इनका न्यूनतम किराया 6 से 7 रुपए, जबकि अधिकतम 40 रुपए है। हर रोज 12 हजार यात्रियों को होगा फायदा राजधानी में ई-बसों का बेड़ा बढ़ने से यात्रियों की संख्या भी बढ़ी है। पिछले सप्ताह ही 10 बसें और शुरू की गई थी और इसके बाद संख्या बढ़कर 20 हो गई थी। वर्तमान में 10 से 12 हजार यात्री हर रोज ई-बसों में सफर कर रहे हैं। इन 3 रूटों पर दौड़ रही ई-बसें B35-चिरायु अस्पताल, बैरागढ़ से आकृति ईको सिटी, सलैया B36- कोच फैक्ट्री से कोलार रोड तक B37- बैरागढ़ ई-बस डिपो से आईएसबीटी अब जानिए क्या है बसों की खासियत… सबसे प्रमुख दिव्यांगों के चढ़ने-उतरने के लिए हाईड्रोलिक डोर हैं। जिनके जरिए वे ट्रायसिकल, व्हील चेयर समेत बस में आ-जा सकेंगे। इन बसों में जिस जगह हाईड्रोलिक डोर है, उसके ठीक सामने इतनी जगह है कि दो व्हील चेयर या ट्रायसिकल एक साथ खड़ी हो सके। दिव्यांगजनों के लिए पहली बार बस में यह सुविधा दी गई है। भोपाल के ट्रैफिक के लिहाज से इसलिए खास
ई-बस की लंबाई 9 मीटर और चौड़ाई करीब साढ़े 3 मीटर है, जबकि वर्तमान में जो सिटी बसें चल रही हैं, उनकी लंबाई 12 मीटर तक है। ऐसे में कई बार ये बसें तंग सड़कों और ट्रैफिक में फंस जाती है। ई-बसों के साथ ऐसा नहीं होगा। कुछ रूट पर ट्रैफिक जाम के हालात में जरूर दिक्कतें हो सकती हैं। ई-बसों की देखिए तस्वीरें…
