भोपाल में हत्या के आरोपी आसिफ उर्फ बम का शॉर्ट एनकाउंटर कर उसे पकड़ लिया गया है। बुधवार को हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के बीच यह कार्रवाई की गई। रविवार रात अशोका गार्डन इलाके में मामूली विवाद के बाद आरोपियों ने 35 साल के चाय कारोबारी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, मृतक विजय मेवाड़ा सुभाष कॉलोनी का रहने वाला था। वह अशोका गार्डन और कोलार इलाके में चाय की दो होटल चलाता था। रविवार देर रात करीब 1:30 बजे वह होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने प्रगति नगर गया था। यहां मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम अपने साथियों फरमान, कालू और इमरान के साथ बैठा था। सभी मृतक के कर्मचारियों के पुराने दोस्त बताए जा रहे हैं। गुस्साए परिजनों ने किया चक्काजाम इधर, हत्या के विरोध में बुधवार को ही सकल हिंदू समाज के आह्वान पर हिंदू उत्सव समिति, बजरंग दल सहित विभिन्न संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर बैरिकेडिंग तोड़ दी और मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने लगे। वे मुख्यमंत्री निवास से महज 100 मीटर दूर पॉलिटेक्निक चौराहे तक पहुंच गए। भारी पुलिस बल ने यहां मोर्चा संभाल रखा है और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया है। ऐसे में प्रदर्शकारियों ने चक्काजाम कर दिया। इससे पहले, सोमवार सुबह भी गुस्साए परिजन और स्थानीय लोगों ने सुभाष कॉलोनी में चक्काजाम कर दिया था। पुलिस की समझाइश के बाद करीब आधे घंटे में जाम खुल सका। इस दौरान परिजन का पुलिस से विवाद भी हुआ। परिजन हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ थाना परिसर में प्रदर्शन किया। इधर, हमीदिया अस्पताल की मॉर्चुरी के सामने भी मृतक के परिजन ने हंगामा किया था। यहां पुलिस बल तैनात किया गया है। कर्मचारियों से बदसलूकी, विरोध करने पर हमला आरोपियों ने कर्मचारियों को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने सुबह जल्दी काम होने का हवाला देकर मना कर दिया। इस पर आरोपियों ने उनसे अभद्रता शुरू कर दी। विजय ने इसका विरोध किया। उसने आसिफ को ‘बेटा’ कहकर समझाने की कोशिश की। इसी बात पर विवाद बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, गुस्साए आसिफ ने चाकू निकालकर विजय के पेट में घोंप दिया। उसके साथियों ने भी मारपीट की। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल विजय को कर्मचारी और स्थानीय लोग फौरन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
