पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली सरकार बनने के तीन हफ्ते बाद, सोमवार सुबह 11 बजे राज्य 35 नए मंत्री बनेंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस समारोह में कम से कम 35 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे, जिन्हें राज्यपाल आरएन रवि लोक भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस नए कैबिनेट में भाजपा के कई बड़े और प्रमुख चेहरों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। मंत्रियों की इस सूची में पूर्व टीएमसी नेता अर्जुन सिंह, क्रिकेटर से नेता बने अशोक डिंडा, पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता और जानी-मानी अभिनेत्री व भाजपा नेता रूपा गांगुली जैसे बड़े नाम शामिल हो सकते हैं सिद्धारमैया के बेटे बोले- अगली कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद है
कांग्रेस एमएलसी और कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने रविवार को कहा कि उन्हें कर्नाटक की अगली कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद है और पार्टी आलाकमान ने उन्हें मंत्री पद का आश्वासन दिया है। डिप्टी सीएम पद की रेस में शामिल होने के सवाल पर यतींद्र ने कहा कि न तो उन्होंने और न ही उनके समर्थकों ने ऐसी कोई मांग या प्रस्ताव आलाकमान के सामने रखा है। ओडिशा में दो महिलाओं ने सीएम आवास के बाहर जहर खाने की कोशिश की, खतरे से बाहर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के आवास के पास रविवार को तीन महिलाओं ने प्रदर्शन किया, जिनमें से दो महिलाओं ने खोरधा जिले में एक भूमि विवाद को सुलझाने में हो रही देरी से परेशान होकर जहर खाकर जान देने की कोशिश की। भुवनेश्वर के डीसीपी जगमोहन मीणा ने बताया कि यह घटना लोअर पीएमजी में धरना प्रदर्शन के लिए तय की गई जगह के पास हुई। ये महिलाएं खोरधा के बानपुर में चल रहे जमीन विवाद के निपटारे की मांग कर रही थीं। उन्हें तुरंत कैपिटल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल दोनों महिलाएं खतरे से बाहर हैं। सुप्रीम कोर्ट बोला- नाबालिगों की तस्करी पर अब पॉक्सो की धाराओं के तहत भी मुकदमा दर्ज होगा यौन शोषण के लिए नाबालिगों की तस्करी पर अब पॉक्सो की धाराओं के तहत भी मुकदमा दर्ज होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘कमर्शियल सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन’ के लिए बच्चों की तस्करी के मामलों में सख्त पॉक्सो एक्ट के तहत भी केस बन सकता है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने यौन कार्यकर्ताओं से जुड़ी चिंताओं को कम करने के लिए कई निर्देश भी दिए। कोर्ट ने साफ किया कि तस्करी के मामलों में फोकस पीड़ित की सहमति पर नहीं, बल्कि आरोपी के तरीके और इरादे पर होना चाहिए।
