उज्जैन से लगभग 70 किलोमीटर दूर आगर तहसील के भाटपुरा गांव में शुक्रवार सुबह एक 27 वर्षीय किसान की करंट लगने से मौत हो गई। किसान दरबार सिंह सुरावत अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें से एक की उम्र 5 महीने और दूसरे की 2 साल है। जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण गांव में बिजली का तार टूट गया था, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बिजली विभाग को दी थी। सुबह करीब 10 बजे बिजली विभाग के दो कर्मचारी मौके पर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि लाइनमैन कमल पोल पर चढ़ा और दूसरे कर्मचारी रामराज ने किसान दरबार सिंह से कहा कि लाइन बंद है, इसलिए तार उठाकर दे दें। परिजनों के मुताबिक, दरबार सिंह ने कर्मचारियों से बिजली बंद होने की पुष्टि की थी। कर्मचारियों ने उन्हें लाइन बंद होने का आश्वासन दिया। इसी भरोसे में उन्होंने तार उठाया, लेकिन बिजली लाइन चालू थी। तार हाथ में लेते ही उन्हें तेज करंट लगा और वे उससे चिपक गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों ने लकड़ी की मदद से उन्हें तार से छुड़ाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद उन्हें तार से अलग किया गया और तत्काल माकड़ौन अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उनका आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सुरक्षा उपायों का पालन किए बिना और लाइन बंद किए बिना किसान से तार उठवाया, जिससे उनकी जान चली गई। परिजनों ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
