रीवा में 15 घंटे की लगातार बारिश के बाद शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बीहर नदी के तट से कुछ दूरी पर स्थित गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह का घर भी पानी से घिर गया है। विधायक पिछले करीब 24 घंटे से अपने परिवार के साथ घर में ही फंसे हुए हैं। घर के सबसे निचले हिस्से में पूरी तरह पानी भर चुका है, जबकि अब ऊपरी हिस्से में भी पानी पहुंचने लगा है। घर से बाहर निकलने और जरूरी सामान के लिए बाहर जाने की स्थिति नहीं है। भास्कर की टीम हालात का जायजा लेने पानी में उतरकर विधायक के घर तक पहुंची। घर का नीचे वाला हिस्सा पूरी तरह पानी में डूबा हुआ था। घर में रखा सामान भी पानी में तैर रहा था। लगातार बढ़ते पानी के कारण परिवार को दूसरी मंजिल पर रहना पड़ रहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. देखें तस्वीरें… बहू बोलीं- घर में सब्जी-किराना तक नहीं पहुंच पा रहा विधायक की पुत्रवधू रश्मि राजा सिंह ने बताया कि घर में सब्जी और किराना सामान तक नहीं पहुंच पा रहा है। चारों तरफ पानी होने के कारण बाहर निकलना संभव नहीं है। घर का सबसे निचला हिस्सा पहले पानी में डूब गया था। वहां रखा सामान ऊपर ले जाया गया, लेकिन अब ऊपर भी पानी पहुंचने लगा है। कर्मचारी बोला- पहली मंजिल पर सामान तैर रहा
विधायक के घर के कर्मचारी और केयरटेकर रामार्चन चौरसिया ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे से घर में पानी भरना शुरू हुआ था। इसके बाद पानी लगातार बढ़ता गया। विधायक और उनका पूरा परिवार दूसरी मंजिल पर है। पहली मंजिल में पानी भर चुका है और वहां रखा सामान पानी में तैर रहा है। 15 घंटे की बारिश ने बिगाड़ी शहर की तस्वीर
लगातार बारिश के कारण रीवा शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। सड़कें पानी में डूबी हैं और कई स्थानों पर लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। बीहर नदी के आसपास के क्षेत्रों में पानी बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है। लगातार बढ़ते पानी के बीच प्रशासन और नगर निगम के सामने लोगों को सुरक्षित निकालने तथा जल निकासी की व्यवस्था करने की चुनौती बनी हुई है। कांग्रेस ने लगाया अतिक्रमण का आरोप कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. विनोद शर्मा ने विधायक के घर में पानी भरने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक ने नदी क्षेत्र में अतिक्रमण किया है। कांग्रेस ने शहर में जलभराव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का भी आरोप लगाया है। विधायक बोले- निगम अधिकारियों ने दी थी परमिशन विधायक का घर बीहर नदी के तट से चंद दूरी पर स्थित है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि नदी के इतने नजदीक और प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण की अनुमति कैसे मिली। इस पर विधायक नागेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने नदी की जमीन पर कब्जा नहीं किया है। विधायक ने कहा कि यदि उस समय अधिकारियों ने गलत स्वीकृति दी थी तो उसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं है। उन्होंने कहा कि जमीन वैध तरीके से खरीदी गई थी और संबंधित समय में नगर निगम के अधिकारियों से अनुमति ली गई थी। वकील ने नदी के पास घर को लेकर उठाए सवाल
विधायक का घर बीहर नदी के तट से कुछ दूरी पर स्थित है। ऐसे में नदी के इतने नजदीक निर्माण की अनुमति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अधिवक्ता वीके माला का आरोप है कि विधायक का मकान नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र में बना है। उन्होंने सामान्य तटीय क्षेत्र में 50 मीटर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 300 मीटर के दायरे का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री या निजी स्वामित्व होने से नदी क्षेत्र में निर्माण का अधिकार नहीं मिल जाता। इसके लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति जरूरी है। अधिवक्ता ने प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई, इसकी जांच की मांग की है। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड की जांच और जमीन का आधिकारिक सीमांकन कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कब्जाधारी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
