सागर जहरीली शराब कांड के आरोपी फरार शराब ठेकेदार सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा को हाईकोर्ट से झटका लगा है। बुधवार को हुई सुनवाई में अदालत ने शराब लाइसेंस रदद् करने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने शराब ठेकेदार सिद्धार्थ सिंह की याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि लायसेंस को लेकर ठेकेदार आबकारी विभाग में ही अपील करे। बता दे कि प्रशासन नेजहरीली शराब से मौतों के बाद आरोपी का लाइसेंस रदद् कर दिया था। आबकारी विभाग द्वारा कंपोजिट शराब लाइसेंस निरस्त किए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की बेंच ने निरस्त कर दी। कोर्ट ने कहा कि संबंधित आदेश के विरुद्ध याचिकाकर्ता के पास वैधानिक अपील का विकल्प उपलब्ध है, इसलिए सीधे हाई कोर्ट में दायर याचिका पर हस्तक्षेप का आधार नहीं बनता। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता नीलेश यादव और उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने याचिका की विचारणीयता पर आपत्ति उठाई। कोर्ट को बताया गया कि याचिका पावर आफ अटार्नी के माध्यम से दाखिल की गई है, और याचिकाकर्ता के फरार होने की बात भी सामने आई है। गौरतलब है कि सागर में जहरीली शराब की घटना के बाद आबकारी विभाग ने संबंधित शराब दुकान के विरुद्ध कार्रवाई की थी। इसी कार्रवाई के तहत सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा का कंपोजिट शराब लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने उपलब्ध वैधानिक अपील के विकल्प को देखते हुए याचिका निरस्त कर दी। अब लाइसेंस निरस्तीकरण के विरुद्ध याचिकाकर्ता संबंधित वैधानिक अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
