छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार में रोजाना अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही है। दुर्ग जिले में लगे शिविर में विधायक के सामने जनपद CEO और भाजपा नेता की बहस हो गई। सामुदायिक भवन की राशि की सही जानकारी नहीं मिलने पर भाजपा नेता पुराण देशमुख नाराज थे। उन्होंने जब थनौद के जनपद CEO रूपेश पांडे से जानकारी मांगी तो वे भड़क उठे। उन्होंने कहा कि जो करना है कर ले, इसका वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में भाजपा नेता समर्थक ने अधिकारी के उंगली दिखाकर चिल्लाने का विरोध किया। दूसरे मामले में कोरबा में लगे शिविर में सहायक ग्रेड-2 के बाबू प्रदीप मिश्रा को एसीबी ने 40 हजार रिश्वत लेते पकड़ा है। इसके अलावा बिलासपुर जिले के बिल्हा के गोढ़ी गांव में हुए हाईवोल्टेज ड्रामे का वीडियो आज वायरल हुआ। वीडियो में कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और विधायक धरमलाल कौशिक के बीच विवाद होते दिखाई दे रहा। आक्रोशित शुक्ला को एसडीएम और टीआई शांत करा रहे हैं। शुक्ला अपने समर्थकों, ग्रामीणों के साथ सुशासन तिहार के नाम पर ढकोसला बंद करो के नारे लगाते हुए शिविर से बाहर निकलते नजर आ रहे हैं। पहले देखिए ये तस्वीरें- केस 1- सुशासन तिहार में भिड़े भाजपा नेता और जनपद CEO दुर्ग जिले के थनौद गांव में शुक्रवार को सुशासन तिहार शिविर लगा था। जहां समस्याओं को लेकर बीजेपी के दुर्ग ग्रामीण मंडल महामंत्री पुराण देशमुख और जनपद CEO रूपेश पांडे के बीच तीखी बहस हो गई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। राशि जारी नहीं करने पर बहस बताया जा रहा है कि, भाजपा नेता सामुदायिक भवन की राशि जारी करने को लेकर नाराज था। पूर्व सरपंच के कार्यकाल में वह सामुदायिक भवन बन रहा था, लेकिन उस पर बीजेपी नेता ने स्टे लगाया था। नेता का कहना था कि स्टे के बावजूद वर्तमान सरपंच की कार्यकाल में राशि क्यों जारी की गई। जबकि सीईओ का कहना है कि स्टे हट चुका था इसलिए राशि जारी की गई है। सीईओ ने कहा- जो करना है कर ले इस दौरान जनपद CEO अपना आपा खो बैठे। उन्होंने भाजपा नेता को उंगली दिखाते हुए कहा कि, “तेरे को जो करना है कर ले”। यह पूरा विवाद दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर के सामने हुआ। केस 2- कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और विधायक के बीच बहस बिलासपुर में सुशासन तिहार के दौरान शुक्रवार को दोपहर बिल्हा के गोढ़ी गांव में विवाद हो गया। कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और विधायक धरमलाल कौशिक के बीच बहस हो गई। शुक्ला अपने समर्थकों, ग्रामीणों के साथ सुशासन तिहार के नाम पर ढकोसला बंद करो के नारे लगाते हुए शिविर से बाहर निकलते नजर आए। कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला से घटनाक्रम के बारे में पूछने पर उन्होंने साफ कहा कि शिविर में विधायक के साथ उनका कोई विवाद नहीं हुआ। जब समस्याएं हल करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया है तो शासन, प्रशासनिक अधिकारियों से जवाब पूछने का सबको अधिकार है। जनता की समस्याओं के बारे में जब वह पूछने लगे तो लोगों ने कार्य नहीं होने को लेकर असंतोष जाहिर किया और इसी बीच उनसे माइक छीनने की कोशिश की गई। शासकीय कार्य में बाधा डालने पर मना किया: कौशिक बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने शुक्ला के साथ विवाद से इनकार करते हुए कहा कि जब वह शिविर में पहुंचे तो वे (राजेंद्र शुक्ला) अधिकारियों पर हल्ला कर रहे थे, तब मैंने कहा कि शिविर में आने का सबको अधिकार है और जनता की समस्याएं हल करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हम सब जनप्रतिनिधि दोपहर में घूम रहे हैं। कौशिक ने कहा कि यह शिविर हमारे लिए नहीं जनता के राशन कार्ड से लेकर, राजस्व संबंधी समस्या, बंटवारा, नामांतरण जैसे कार्यों के लिए विभिन्न विभागों के लोग कार्य कर रहे हैं, तो शासकीय कार्य में अवरोध उत्पन्न करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने उनको शांत रहने कहा, इसके बाद वे शांत हो गए और अपने लोगों के साथ शिविर से चले गए। केस 2 – सहायक ग्रेड-2 का बाबू रिश्वत लेते पकड़ाया कोरबा जिले में ‘सुशासन तिहार’ के तहत पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के तुमान में समाधान शिविर लगाया गया था। शुक्रवार (29 मई) भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक ग्रेड-2 के बाबू प्रदीप मिश्रा को 40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड शिक्षक अमृतलाल बघेल अपनी जीपीएफ पासबुक में एंट्री कराने शिविर पहुंचे थे। आरोप है कि बाबू प्रदीप मिश्रा ने काम के एवज में 40 हजार की मांग की। परेशान होकर शिक्षक ने बिलासपुर ACB से शिकायत की। सत्यापन के बाद डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जैसे ही शिक्षक ने आरोपी को रिश्वत की रकम दी, पहले से मौजूद ACB टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि प्रदीप मिश्रा के खिलाफ पहले भी वित्तीय अनियमितता के मामले सामने आ चुके हैं। ACB अब यह जांच कर रही है कि शिविर में और किन लोगों से अवैध वसूली की गई थी। रिश्वत लेते पकड़ाया पटवारी, सस्पेंड इन दोनों मामलों के अलावा पटवारी रिश्वत लेने के बाद सस्पेंड हुआ है। कोरबा के पसान क्षेत्र में पटवारी विनोद अग्रवाल अपने ऑफिस में टेबल के नीचे नोट गिनते हुए नजर आए। इसका वीडियो वायरल होने के बाद SDM ने पटवारी के सस्पेंड कर दिया है। किसानों से वसूली के आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि, पटवारी वन पट्टा ऑनलाइन करने के एवज में किसानों से 5 हजार तक और फौती नामांतरण के लिए 10 हजार तक की कथित वसूली करता था। बिना पैसे दिए कोई भी राजस्व संबंधी काम नहीं किया जाता था। पटवारी एक ग्रामीण से फौती नामांतरण के लिए रिश्वत मांग रहा था, इसी बीच किसी किसी अन्य ग्राणीण ने पटवारी का रिश्वत लेते हुए वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया। जानकारी के अनुसार, निलंबित पटवारी विनोद अग्रवाल के पास पिपरिया हल्के के साथ-साथ सिर्री हल्के का अतिरिक्त प्रभार भी था। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पसान तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है। रायगढ़ में क्लर्क रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया रायगढ़ जिले के छाल तहसील ऑफिस में ACB ने एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी ने बी-1 में त्रुटि सुधार के नाम पर ग्रामीण से एक लाख की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने कार्रवाई की और शुक्रवार को छाल तहसील कार्यालय में दबिश देकर 60 हजार रुपए लेते हुए आरोपी तुलाराम पटेल को गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता भानुप्रताप पटेल की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। फिलहाल, ACB टीम मामले की जांच कर रही है। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मारपीट का केस निपटाने हेड कॉन्स्टेबल ने मांगी रिश्वत, VIDEO: बिलासपुर में बोला- 3-3 को 5 हजार में कैसे छोडूंगा, 10 हजार करवा दो, सस्पेंड छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक हेड कॉन्स्टेबलने 3 आरोपियों को छोड़ने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत मांगी। पैसे मांगने का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल ने कहा कि ‘तीन-तीन आदमी को 5 हजार रुपए में थोड़ी न छोड़ूंगा। तीनों के लिए 10 हजार रुपए करवा दो।’ पढ़ें पूरी खबर….
