मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। भाजपा विधायक ने बोले विवादित बोल
भाजपा के ‘मुक्केबाज’ विधायक प्रीतम लोधी ने कांग्रेस को लेकर कहा है कि इनका काम भौंकना ही रह गया है। दरअसल, हुआ यूं कि मीडिया उनसे पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत को लेकर सवाल कर रहा था। मीडिया ने उनसे पूछा कि कांग्रेस का आरोप है कि बंगाल में भाजपा वोट चोरी कर जीती है। इस पर विधायक ने कहा कि इनका काम केवल भौंकना रह गया है, बस भौंकते रहते हैं। हाथी निकलता है और ये भौंकते रहते हैं। अब इनका काम भौंकना ही रह गया है। भाजपा विधायक ने चार बार ‘भौंकना’ शब्द का इस्तेमाल किया। वे अपनी जुबान पर ब्रेक नहीं लगा सके। वहीं, एक मौके पर उनकी जुबान लड़खड़ाई, लेकिन उन्होंने संभाल लिया। वे पश्चिम बंगाल में जीत का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दे रहे थे। वे कहना चाह रहे थे कि यह पीएम मोदी का मैजिक है, वे नामुमकिन को भी मुमकिन बना देते हैं। लेकिन उन्हें यह बोलने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। एक बार तो उनकी जुबान पर ‘मुमकिन को नामुमकिन बनाना मोदी जी का काम है’ आ गया था। हालांकि, फिर उन्होंने फौरन इसे सुधारते हुए कहा कि ‘नामुमकिन को मुमकिन बनाना मोदी जी का काम है।’ कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने खाई झालमुड़ी
सरकार के झालमुड़ी प्रेम को देखकर लगता है कि कहीं इसे राष्ट्रीय फूड घोषित न कर दे। दरअसल, मंगलवार को मोहन कैबिनेट की बैठक हुई, तो इसमें सभी मंत्रियों को झालमुड़ी खिलाई गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि झालमुड़ी, जिसे राष्ट्रीय ब्रांड का स्थान प्राप्त हुआ है, पूरे मंत्रिमंडल ने मिलकर खाई। मंत्री काश्यप ने तो झालमुड़ी को मध्य प्रदेश का मुख्य खाद्य पदार्थ बता दिया। मंत्री चैतन्य काश्यप यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि एमपी के सेव-परमल, भेल, झालमुड़ी- ये सारी चीजें हमारी राष्ट्रीय एकता का भी प्रदर्शन करती हैं। पश्चिम बंगाल में जीत के बाद झालमुड़ी पर भाजपा का विशेष प्रेम बरस रहा है। भाजपा नेता अब इसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताने से भी नहीं चूक रहे हैं। बता दें कि पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान एक दुकान से झालमुड़ी खरीदकर खाई थी। फिर उन्होंने लगातार चुनावी मंच से इसका जिक्र किया। और जब पश्चिम बंगाल में भाजपा को जीत मिली, तो हर जगह भाजपा नेताओं ने एक-दूसरे को झालमुड़ी खिलाकर जीत की खुशी मनाई। जब कलेक्टर ने थामी ट्रक की स्टीयरिंग
शहडोल में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह का अनोखा अंदाज देखने को मिला। उन्होंने ट्रक की स्टीयरिंग थामी और ट्रक चलाया भी। दरअसल, कलेक्ट्रेट परिसर से जनगणना प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाने के बाद उन्होंने खुद वाहन की ड्राइविंग की। बता दें कि यह प्रचार रथ जिले के सभी विकासखंडों, गांवों और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को जनगणना के महत्व, प्रक्रिया और इसके लाभ के बारे में जानकारी देगा। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने इस अभियान को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए खुद इसकी शुरुआत की। कलेक्टर साहब के ट्रक चलाते वीडियो सामने आने के बाद लोग अब उनके इस हुनर की तारीफ कर रहे हैं। कलेक्टर ने तहसीलदार को लगाई फटकार
रीवा में कलेक्टर ने जनसुनवाई से जुड़े एक मामले में लापरवाही पर तहसीलदार और नायब तहसीलदार को जमकर फटकार लगा दी। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा- काहे के तहसीलदार हो, क्यों तहसीलदार हो आप? कलेक्टर ने सबके सामने उन्हें कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। दरअसल, हुआ यूं कि ग्रामीणों ने कलेक्टर से सरकारी हैंडपंप पर कब्जे की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि वे कई बार इस मामले की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक अमले ने इसकी सुध नहीं ली। इसी बात पर कलेक्टर साहब भरी मीटिंग में भड़क गए। अब इसका वीडियो सामने आने के बाद लोग कह रहे हैं कि सिस्टम में सुधार के लिए ऐसी सख्ती अच्छी है। कलेक्टर की इस फटकार के बाद सरकारी हैंडपंप से कब्जा भी हट गया है। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), रामेंद्र परिहार (ग्वालियर), सौरभ पांडे (शहडोल), अभिलाष मिश्रा (रीवा) ये भी पढ़ें –
भाजपा की जीत पर मिठाई नहीं मोदी वाली ‘झालमुड़ी’ बंटी: शिवराज बोले- यही असली प्रसाद है पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत हुई तो सबसे ज्यादा जलन ‘मिठाई’ को हुई होगी। क्योंकि भाजपा नेताओं ने जीत की खुशी में एक-दूसरे का मुंह ‘मीठा’ नहीं कराया, बल्कि ‘तीखा’ कराया। हर जगह ‘झालमुड़ी’ खाई और खिलाई गई। मध्य प्रदेश में भी ‘झालमुड़ी’ वाला चटपटा जश्न मनाया गया। पूरी खबर पढ़ें
