छिंदवाड़ा-इंदौर पैसेंजर ट्रेन में सीट विवाद के बाद मुस्लिम युवक अली खान की हत्या के मामले में जीआरपी ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को तमिलनाडु के डिंडीगुल क्षेत्र से पकड़ा गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है। इस मामले में अब तक कुल सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन मुख्य आरोपी सागर धुर्वे अभी भी फरार है। घटना 1 जून की रात की है, जब छिंदवाड़ा निवासी अली खान अपने दोस्तों के साथ ट्रेन क्रमांक 19344 से यात्रा कर रहे थे। परासिया स्टेशन के पास ट्रेन में सीट को लेकर अली खान और बोरदेही निवासी सागर धुर्वे के बीच विवाद हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद शांत हो गया था, लेकिन आरोप है कि सागर धुर्वे ने अपने साथियों को बोरदेही स्टेशन पर बुला लिया था। ट्रेन के बोरदेही स्टेशन पहुंचते ही अली खान को नीचे उतारकर उसके साथ सामूहिक मारपीट की गई। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अगले दिन स्टेशन परिसर में शव मिलने के बाद जीआरपी आमला ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। फरार आरोपियों की तलाश के लिए जीआरपी ने साइबर सेल, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र का सहारा लिया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ आरोपी तमिलनाडु में छिपे हुए हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम डिंडीगुल पहुंची और कमलेश उइके उर्फ बाबा रामदेव (21), अंकुश कोराई (22) तथा एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए लकड़ी के डंडे भी बरामद किए हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले का मुख्य आरोपी सागर धुर्वे अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। जीआरपी की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है।
