बुरहानपुर में मंगलवार को दशहरे पर भगवान बड़े बालाजी महाराज बड़े रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकले। शाम 6 बजे भगवान सात मुख वाले घोड़े के वाहन पर विराजमान हुए। रथयात्रा मंदिर से शुरू होकर पांडुमल चौराहा, गांधी चौक और फव्वारा चौक से होते हुए वापस मंदिर पहुंची। साल में एक बार बड़े रथ पर दर्शन का मौका मिलने से भक्तों में उत्साह रहा। रास्ते में श्रद्धालुओं ने ‘बालाजी गोविंदा’ के जयकारे लगाए। 21 ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के साथ कराया शमी पूजन बड़े बालाजी मंदिर संस्थान के आशीष भगत और मुख्य पुजारी मोहन बालाजी वाले ने बताया कि दशहरे पर शमी के पत्तों का खास धार्मिक महत्व है। इसी परंपरा के तहत शनि मंदिर के पास एक भक्त के घर भगवान बालाजी महाराज का विधि-विधान से शमी पूजन कराया गया। इसमें 21 ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार किया। पूजन के बाद भगवान बड़े बालाजी महाराज शनि मंदिर से अपने बड़े रथ पर सवार होकर मंदिर के लिए रवाना हुए। रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भगवान के दर्शन किए और जयकारे लगाए।
