बालाघाट जिले के वारासिवनी थाना क्षेत्र में क्रिप्टो ट्रेडिंग (Crypto Trading) के नाम पर 7 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने दूसरे युवक पर लाखों रुपए ठगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। दूसरी तरफ, आरोपी ने खुद को भी इस खेल का शिकार बताते हुए आरोपों को गलत ठहराया है। जानकारी के मुताबिक, वारासिवनी के रहने वाले नगेंद्र रंगारे ने रिजवान उर्फ राजा अली के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। नगेंद्र का आरोप है कि रिजवान ने उसे एक ट्रेडिंग कंपनी में पैसा लगाने पर हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफा (प्रॉफिट) दिलाने का भरोसा दिया था। रिजवान ने इस निवेश की खुद गारंटी ली थी, जिसके बाद नगेंद्र झांसे में आ गया। नगेंद्र ने बताया कि उसने जुलाई से दिसंबर 2024 के बीच बैंक ट्रांसफर और कैश के जरिए अलग-अलग किस्तों में करीब 7 लाख रुपए रिजवान को दिए। शुरुआत में तो नगेंद्र को मुनाफे के तौर पर कुछ पैसे मिले, लेकिन बाद में यह भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। नगेंद्र का यह भी आरोप है कि उसकी एक शिक गया था। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो रिजवान टालमटोल करने लगा और अब उसे जान से मारने की धमकियां दे रहा है। पीड़ित ने सबूत के तौर पर पुलिस को बैंक के दस्तावेज और व्हाट्सएप चैट सौंपी है। आरोपी का दावा: “मैं खुद ठगी का शिकार हूं” दूसरी ओर, आरोपी रिजवान उर्फ राजा अली ने इन सभी आरोपों पर अपनी सफाई दी है। रिजवान का कहना है कि लवी चौधरी उर्फ नवाब अली नाम के एक शख्स ने देशभर में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से पैसा निवेश कराया था। रिजवान के मुताबिक, वह खुद इस कंपनी में एक निवेशक (इन्वेस्टर) था और उसने भी पैसे लगाए थे। रिजवान ने दावा किया कि कुछ समय तक तो कंपनी ने उसे और अन्य लोगों को मुनाफा दिया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। उसका कहना है कि अब लोग उस पर झूठे आरोप लगाकर जबरन वसूली करने की कोशिश कर रहे हैं। रिजवान ने इस मामले में पुलिस को अपना बयान दे दिया है और सरकार से मांग की है कि सभी निवेशकों का डूबा हुआ पैसा वापस दिलाया जाए। पुलिस कर रही है जांच वारासिवनी थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की बातें सुनने और शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी सबूतों को खंगाल रही है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
