पश्चिम बंगाल दार्जिलिंग के सिटोंग में गुरुवार रात एक होमस्टे के बारबेक्यू में आग लग गई। इसमें नवविवाहिता 60% झुलस गईं। उन्हें बचाने की कोशिश में पति भी झुलस गया। महिला को इलाज के लिए सिलीगुड़ी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, बारबेक्यू में कुकिंग ऑयल की जगह केरोसिन डालने के बाद आग भड़की। परिवार ने कुर्सियॉन्ग थाने में होमस्टे के खिलाफ शिकायत की है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। समीर दास को शुरुआती इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना गुरुवार रात हुई। पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमें शिकायत मिली है और हम आग लगने की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। सही कारण जांच के बाद सामने आएगा।” हनीमून मनाने के लिए सिटोंग गया था दंपती निकिता और समीर वेस्ट बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के चोपड़ा के रहने वाले हैं। दोनों ने करीब दो महीने पहले शादी की थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों कई साल से रिश्ते में थे। शादी के बाद वे कुछ दिन पहले हनीमून के लिए सिटोंग पहुंचे थे। होमस्टे की CCTV फुटेज में कुछ डालने के बाद बारबेक्यू की आग तेजी से फैलती दिख रही है। इसके बाद निकिता के कपड़ों में आग लग गई। फुटेज में समीर अपनी टी-शर्ट उतारकर निकिता के शरीर पर लगी आग बुझाते दिख रहे हैं। वे उन्हें बचाने की कोशिश में खुद भी झुलस गए। निकिता के पति ने आरोप लगाया कि बारबेक्यू पर टर्पेंटाइन ऑयल डालने के बाद आग लगी। वहीं, होमस्टे के मालिक निहाल अयान ने कर्मचारी की लापरवाही मानी है। निहाल अयान के मुताबिक, कर्मचारी ने कुकिंग ऑयल की जगह केरोसिन डाल दिया था। परिवार ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए परिवार ने आरोप लगाया कि होमस्टे में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं थे। घटना के बाद होमस्टे संचालकों ने मदद भी नहीं की। निकिता को अस्पताल ले जाने के लिए जो गाड़ी बुलाई, वह भी करीब 40 मिनट बाद पहुंची। निकिता को पहले पास के अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें सिलीगुड़ी के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। निकिता की हालत गंभीर है।
