मौसम विभाग ने आज (1 अगस्त) प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। अगले दो दिनों तक भी मौसम का यही रुख बने रहने के आसार हैं। लगातार बारिश से नारायणपुर में बाढ़ से BSF के कई कैंप पानी में डूब गए। जवानों को जान बचाने के लिए पेड़ों और कैंप की छतों पर चढ़ना पड़ा। बाद में सभी को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। इस पूरे ऑपरेशन का वीडियो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के सोशल मीडिया अकाउंट X पर भी शेयर किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, विदर्भ और उससे लगे मध्य प्रदेश पर बना डीप डिप्रेशन अभी भी एक्टिव है। वहीं मानसून ट्रफ जैसलमेर, उदयपुर और इंदौर होते हुए इसी सिस्टम के केंद्र से गुजर रही है। इसी के असर से पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो रही है। पहले देखिए ये तस्वीरें… आरंग के गांव में घुसा बाढ़ का पानी आरंग क्षेत्र के तटीय गांव निसदा के निचले हिस्सों में जलभराव के बीच एक ही परिवार के 6 सदस्य अपने घर में चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गए। SDRF की टीम ने मोटरबोट के जरिए जान जोखिम में डालकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। आज और अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार शनिवार (1 अगस्त) को प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। अगले दो दिनों तक भी मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान है। रायपुर सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ। रायपुर का मौसम राजधानी में आज (1 अगस्त) बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम 25°C के आसपास रहने का अनुमान है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे अधिक बारिश वाला जिला इस सीजन में अब तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा। यहां 769.1 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 76% अधिक है। यह प्रदेश का इकलौता जिला है, जहां बहुत अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई। एक-तिहाई जिले अभी भी सामान्य बारिश से काफी पीछे 33 जिलों के आंकड़ों पर नजर डाले तो 1 जिले में सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त वर्षा दर्ज की गई। 5 जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। 16 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में रही। 11 जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। किसी भी जिले में सामान्य से 60 प्रतिशत या उससे अधिक वर्षा की कमी नहीं रही।
