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बागियों की ममता बनर्जी को सबसे बड़ी चुनौती:TMC की पैरलल वर्किंग कमेटी बनाई, अरूप रॉय अध्यक्ष; ऋतब्रत बोले- दीदी चाहें तो सलाहकार बन जाएं

विधानसभा चुनाव हारने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रहा राजनीतिक विद्रोह तेज हो गया है। सोमवार को बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने TMC की पैरलल वर्किंग कमेटी का ऐलान कर दिया। विधायक अरूप रॉय अध्यक्ष चुना है। इसे ममता बनर्जी को अब तक की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। कोलकाता में हुए विशेष अधिवेशन में बागी खेमे के विधायक, पार्षद और दूसरे नेता शामिल हुए। बैठक के बाद ऋतब्रत ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ममता दीदी चाहें तो हमारी मुख्य सलाहकार बन सकती हैं। बागी गुट ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे का भी ऐलान कर दिया। पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास, फिरहाद हकीम, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को वाइस-चेयरमैन बनाया गया है। जबकि ऋतब्रत बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा जनरल सेक्रेटरी बने हैं। विधायक अखरुज्जमान अंसारी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऋतब्रत ने दावा किया कि यह पूरा अधिवेशन पार्टी संविधान के अनुरूप आयोजित किया गया और इसकी जानकारी चुनाव आयोग को दी जाएगी। बागियों की TMC से अभिषेक बेदखल बागी नेता ने कहा कि नई नेतृत्व टीम जल्द ही जिला समितियों, राज्य इकाई और प्रवक्ताओं के पैनल का गठन करेगी। इसके जरिए संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि इस कमेटी या संगठन के ढांच में सांसद अभिषेक बनर्जी को न तो कोई पद दिया गया है, न ही उन्हें शामिल किया गया है। गौरतलब है कि कोलकाता में हुए सत्र में 70 पूर्व पार्षद भी शामिल हो गए हैं। खास बात यह है कि यह सब पार्टी के संविधान के अनुसार किया गया है। ऋतब्रत ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी के संविधान के अनुच्छेद 20 में कहा गया है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक हर तीन साल में होनी चाहिए। 2022 के बाद से कोई बैठक नहीं हुई है। पहले विधायकों ने बगावत की, फिर सांसदों क साथ छूटा कुछ ही दिन पहले, पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने नेतृत्व की पसंद को खारिज करते हुए विपक्ष के नेता के पद के लिए रिताब्रता बनर्जी के दावे का समर्थन किया था। बागी गुट ने तब से दावा किया है कि उनकी ताकत और बढ़ गई है। यह उथल-पुथल संसद तक भी पहुंच गई, जहां TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 हाल ही में पार्टी के संसदीय विंग से अलग हो गए, नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय हो गए और BJP के नेतृत्व वाले NDA को समर्थन दिया। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- पूर्व TMC विधायक पर लोगों ने अंडे फेंके: थाने के बाहर चोर-चोर के नारे लगे; पुलिस कर्नाटक से पकड़कर हुगली लाई थी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में रविवार को पूर्व TMC विधायक रामेंदु सिन्हा राय के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिला। जैसे ही पुलिस उन्हें धानियाखाली थाने लेकर पहुंची, बाहर मौजूद लोगों ने चोर-चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने उनपर अंडे भी फेंके। पढ़ें पूरी खबर…

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