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बहन ने घर बुलाया,भाई ने कुल्हाड़ी से काटा:ऐसा वार किया कि खाने का निवाला गले में फंसा रह गया था; अफेयर के शक में मर्डर

हैलो, मैं शारदा बोल रही हूं। शाम को खाने पर घर आ जाओ। दीदी भी यहीं पर है… यह सिर्फ एक फोन कॉल नहीं था। इसके पीछे एक डरावना सच था। सागर के भेड़ा गांव में 10 अप्रैल को महेंद्र अहिरवार की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। उसे बेरहमी से मारा गया था। पुलिस की पड़ताल में उसके एक हाथ में रोटी का टुकड़ा और दूसरे में ककड़ी फंसी मिली। पोस्टमार्टम में पता चला कि गर्दन पर जोरदार वार हुआ था, जिससे निवाला हलक में ही फंसा रह गया था। हत्याकांड की प्लानिंग जीजा ने अपनी मुंहबोली साली के साथ मिलकर की, क्योंकि उसे शक था कि पत्नी का महेंद्र से अफेयर था। दैनिक भास्कर ने इस पूरे हत्याकांड को समझने के लिए जांच अधिकारी से बात की। कैसे आरोपियों तक पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… सड़क किनारे बोरे में लाश देख सहमे लोग सड़क किनारे बोरे में लाश देख लोग सहम गए। पुलिस के अनुसार, 11 अप्रैल की सुबह सागर-बंडा मार्ग पर कर्रापुर में राजा ढाबा के पास सड़क किनारे एक बोरा लावारिस पड़ा था। बोरे पर बाहर खून लगा था। सूचना पर कर्रापुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। बोरे का मुंह साड़ी फाड़कर बांधा गया था, इसलिए लोग इसे महिला की लाश मान रहे थे। पुलिस ने बोरा खोला तो उसमें एक व्यक्ति की लाश निकली। शव के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिला। गर्दन कटी थी और शरीर पर कई धारदार हथियार के घाव थे। आसपास खून नहीं होने से पुलिस ने माना कि हत्या कहीं और हुई थी। लाश को यहां सड़क किनारे ठिकाने लगाया गया था। 12 साल की बेटी इंतजार करती रही, लेकिन वह नहीं लौटा पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान चुनौती थी। थानों और सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट की गई। फोटो परिजन तक पहुंची तो वे थाने पहुंचे। उन्होंने महेंद्र अहिरवार (44) निवासी भेड़ा के रूप में शिनाख्त की। परिवार ने बताया कि वह 10 अप्रैल को घर से कुछ देर में आने का कहकर निकला था। पत्नी और 12 साल की बेटी इंतजार करते रहे, लेकिन वह नहीं लौटा। परिजन ने गांव के लोगों पर हत्या का शक जताया आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए परिजनों ने चक्काजाम किया। उन्होंने गांव के कुछ लोगों पर हत्या का संदेह जताया। पुलिस ने परिवार और ग्रामीणों से पूछताछ की। लोगों ने अफेयर की शंका में गांव की एक महिला का नाम लिया। पुलिस ने संदेह के आधार पर महिला और उसके परिवार की जांच शुरू की। 12 अप्रैल को दो संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उन्होंने जुर्म कबूल किया, लेकिन पुलिस को गुमराह करते रहे। सख्ती के बाद हत्याकांड का खुलासा हुआ। प्रेमिका की मुंहबोली बहन ने कॉल कर बुलाया पुलिस जांच में सामने आया कि महेंद्र की लीला से दोस्ती थी। इसकी भनक लीला के पति हरिशंकर अहिरवार को लग चुकी थी। यह बात धीरे-धीरे गांव तक पहुंच गई। बदनामी के कारण हरिशंकर और उसका परिवार गुस्से में था। हरिशंकर ने महेंद्र को पत्नी से दूर रहने को कहा था, लेकिन महेंद्र ने बात को गंभीरता से नहीं लिया। इसी नाराजगी में हत्याकांड किया गया। 10 अप्रैल को महेंद्र घर लौटा ही था कि फोन बजा। कॉल लीला की मुंहबोली बहन शारदा का था। महेंद्र ने हैलो कहा तो उधर से शारदा बोली— तुमसे मिलना है, सागर के राजीव नगर मेरे घर आ जाओ। दीदी भी यहीं आई है। उसकी बातों में आकर महेंद्र जाने को राजी हो गया। वह तैयार हुआ और कुछ देर में आने की बात कहकर सागर निकल गया। राजीव नगर पहुंचने पर घर में शारदा और लीला मिली। खाना खाते समय बहस, गणेश ने गर्दन पर वार किया बातचीत के दौरान लीला का पति, भाई और बेटा भी आ गए। कुछ देर बाद सभी साथ खाने बैठे। खाना खाते समय बहस हो गई। लीला का भाई गणेश गुस्से में उठा और कुल्हाड़ी से महेंद्र की गर्दन पर वार कर दिया। कुल्हाड़ी लगते ही महेंद्र चीख उठा। खून बहने लगा और वह बदहवास हो गया। जमीन पर गिरने के बाद उस पर फिर कुल्हाड़ी से वार किया गया, जो माथे पर लगा। कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। देर रात हुई घटना से पड़ोसी अनजान रहे। वारदात छिपाने ऑटो में शव रखकर सड़क किनारे फेंका हत्या के बाद किस्सू बोरा लेकर आया और शव उसमें भरा गया। गणेश अपने भाई भूपेंद्र अहिरवार का इलेक्ट्रिक ऑटो ले आया। किस्सू, शारदा और गणेश शव को ऑटो में डालकर ठिकाने लगाने निकल गए। मोतीनगर होते हुए वे बंडा रोड पहुंचे। रात करीब 2 बजे कर्रापुर के पास सड़क किनारे बोरे में लाश फेंकी और सागर लौट आए। वारदात के बाद रात 4 बजे घर आकर सो गए। पुलिस को भ्रमित करने के लिए लाश सड़क किनारे फेंकी थी। मैंने कॉल कर बुलाया, गणेश ने कुल्हाड़ी से हत्या की पुलिस गिरफ्त में आई शारदा अहिरवार ने बताया कि वह हरिशंकर अहिरवार की मुंहबोली साली है। उसकी बहन और महेंद्र के बीच अफेयर था। इससे गांव और समाज में बदनामी हो रही थी। कई बार समझाया, लेकिन उसने नहीं सुना। बदनामी का बदला लेने के लिए जीजा हरिशंकर, भाई और अन्य आरोपियों के साथ हत्या की साजिश रची गई। साजिश के तहत महेंद्र को फोन कर घर बुलाया गया। यहां खाना खाते समय उसकी हत्या की गई। वारदात के समय मौके पर मैं, बहन लीला, उसका पति हरिशंकर, मेरा भाई किस्सू, गणेश और उसका बेटा सत्यम मौजूद थे। महेंद्र पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या की गई थी। मरने के बाद रोटी और ककड़ी उसके हाथ में मिली आरोपियों ने युवक की इतनी बेरहमी से हत्या की कि वह खाना भी नहीं खा सका। मौत से पहले उसने रोटी तोड़ी थी और ककड़ी उठाई थी। मरने के बाद रोटी और ककड़ी उसके हाथ में मिली। एक निवाला गले में फंसा रहा। तीन तरीके, जिसने आरोपियों को जेल पहुंचाया अफेयर के चलते हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि हत्या के बाद शव बोरे में भरकर फेंकने के मामले में शारदा और भूपेंद्र गिरफ्तार हुए हैं। मुख्य आरोपी हरिशंकर, पत्नी लीला, बेटा सत्यम, साला किस्सू और गणेश अहिरवार की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। महेंद्र की हत्या अवैध संबंधों के चलते की गई थी। वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो जब्त कर लिया गया है।

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