अशोकनगर पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। चंदेरी थाना पुलिस ने फोनपे से रकम ट्रांसफर करने का झांसा देकर 1.55 लाख रुपए की ठगी करने के मामले में राजस्थान के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चंदेरी में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक प्रसन्न यादव से खुद को पर्यटक बताकर संपर्क किया। उन्होंने फोनपे से 1.05 लाख रुपए भेजने का भरोसा दिलाया और बदले में नकद राशि ले ली। अगले दिन जब प्रसन्न यादव बैंक पहुंचे, तो उनका खाता संदिग्ध राशि आने के कारण फ्रीज मिला। इसके बाद साइबर ठगी का खुलासा हुआ। इसी तरीके से आरोपियों ने ग्राम खैरा निवासी सचिन लोधी से भी 50 हजार रुपए की ठगी की। दोनों मामलों में कुल 1.55 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई। राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के झुंझुनू जिले से देवेंद्र यादव, शुभम यादव और मनीष जाट को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों जितेश यादव और पवन मेघवाल के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल की गई टाटा पंच कार भी जब्त कर ली है। दोनों फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के ऑनलाइन भुगतान के भरोसे नकद राशि न दें। किसी भी संदिग्ध साइबर लेनदेन की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।
