ग्वालियर केंद्रीय जेल से 16 दिन की पैरोल पर बाहर आया हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा बंदी फरार हो गया। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी जब वह जेल वापस नहीं लौटा तो जेल प्रशासन ने बहोड़ापुर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने फरार बंदी के साथ उसके जमानतदार पिता को भी सह-आरोपी बनाकर शनिवार को मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र निवासी रायभान सिंह उर्फ राजभान वर्ष 2023 के हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। सुरक्षा कारणों से उसे ग्वालियर केंद्रीय जेल में रखा गया था। जेल रिकॉर्ड के मुताबिक, रायभान सिंह को 24 जून 2026 को 16 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था। पैरोल की शर्तों के अनुसार उसे 9 जुलाई की शाम तक हर हाल में केंद्रीय जेल लौटना था, लेकिन वह निर्धारित समय पर वापस नहीं पहुंचा। बंदी के नहीं लौटने पर जेल प्रशासन ने पहले उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। इसके बाद परिजनों और जमानतदार पिता राधेलाल रावत से संपर्क किया गया, लेकिन उनसे भी कोई जवाब नहीं मिला। सभी प्रयास विफल होने के बाद केंद्रीय जेल के प्रहरी गजेंद्र सिंह ने बहोड़ापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पैरोल की शर्तों का उल्लंघन करने के मामले में रायभान सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया। साथ ही उसकी जमानत लेने वाले पिता राधेलाल रावत को भी सह-आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि फरार बंदी की तलाश शुरू कर दी गई है। उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और दतिया सहित आसपास के जिलों की पुलिस को भी सूचना भेजी गई है। यदि वह जल्द गिरफ्तार नहीं होता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पैरोल की शर्तों का पालन सुनिश्चित नहीं करने पर जमानतदार के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
