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पूर्व विधायक के 4 पोते-नाती की मौत; तीन परिवार उजड़े:एक साथ जली चिताएं; जीजा की बर्थडे पार्टी से लौट रहे थे, ट्रक में जा घुसी कार

‘पता नहीं, सोमवार की रात कैसी मनहूस घड़ी आई। परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया। अब किसके सहारे जिऊंगी। वो तो जल्दी आने का कहकर घर से निकला था। जरा-सा भी आभास होता तो उसे जाने ही नहीं देती।’ इतना कहते ही मृदुल की मां ममता पटेल की आंखें भीग जाती हैं। पास खड़ी परिवार की दूसरी महिलाएं उन्हें सहारा देती हैं। थोड़ा रुक कर वह कहती हैं- वो तो अपने जीजाजी का बर्थ-डे मनाने गया था। जाते समय मैंने पूछा भी था, कौन साथ जा रहा है? उसने अपने भाइयों के नाम बताए तो चिंता नहीं हुई। गाड़ी तो वह इतनी अच्छी चलाता था कि कभी शिकायत नहीं आई। मृदुल उस XUV कार को ड्राइव कर रहा था, जो 6 जुलाई की रात नेशनल हाईवे- 30 पर नादन थाना के रिगरा गांव के पास चलते ट्रक में घुसी थी। हादसे में अंकुर पटेल (40), मृदुल पटेल (32), विजय पटेल (30), हरिशंकर पटेल (25) और संजीव उर्फ शिवा पटेल (23) की मौत हो गई। अंकुर और मृदुल पूर्व विधायक लाल जी भाई पटेल के पोते थे। दो सगे भाई विजय और हरिशंकर लाली पटेल के भतीजे थे। संदीप पटेल पूर्व विधायक की भतीजी का नाती था। ड्यूटी डॉक्टर ज्ञानेश गौतम के मुताबिक, सभी युवकों के सिर पर गहरी चोटें थीं। दैनिक भास्कर की टीम मैहर जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर तनाजा गांव पहुंची। तीन दिन बाद भी गांव में जिंदगी सामान्य नहीं हुई है। हर जगह सन्नाटा था। पूर्व विधायक की दो मंजिला हवेली से रुक-रुकर महिलाओं के रोने की आवाज आ रही थी। सतीश बोले- दूसरी कार से गए थे, इसलिए बच गए हवेली के बाहर मृतक भाइयों के चचेरे भाई सतीश मिले। सतीश दूसरी कार से अपने रिश्तेदार का जन्मदिन मनाने अमरपाटन गए थे। सतीश कहते हैं- सोमवार शाम करीब 8 बजे तनाजा से अमरपाटन जनपद उपाध्यक्ष मनोज पटेल के जन्मदिन में गए थे। सेलिब्रेशन के बाद सभी ने डिनर किया। तेज बारिश हो रही थी। वापस आते समय मैंने मृदुल, अंकुर और विजय से साथ चलने कहा। इस पर मृदुल ने कहा- भैया, आप लोग अपनी गाड़ी से निकलो, हम लोग थोड़ी देर में आते हैं। मुझे क्या पता था कि वे अब कभी नहीं आएंगे, नहीं तो उन्हें साथ ही लेकर आता। सतीश कहते हैं- एक तरह से हमारा तो परिवार ही खत्म हो गया। मृदुल, विजय, हरिशंकर, अंकुर और संजीव। संजीव मैहर में ही प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर था। उसके पिता का बहुत पहले निधन हो चुका। वो अपनी दादी, मां और भाई का सहारा था। किस्मत से ओम पटेल को भगवान ने दूसरी जिंदगी दी है। वो इंदौर के एक कॉलेज से एमबीए कर रहा है। जबलपुर में उसका इलाज चल रहा है। हादसे ने दो बेटों को छीन लिया सतीश ने हवेली के बरामदे में बैठी गंगा पटेल से मिलवाया। इनके दो बेटों विजय और हरिशंकर की हादसे में मौत हुई है। विजय जबलपुर में अमेजन कंपनी में मैनेजर थे। उनकी डेढ़ साल की बेटी भी है। छोटा भाई हरिशंकर (बेटू) कंपनी में (वर्क फ्रॉम होम) करता था। पथरा सी गईं बुजुर्ग मां की आंखें गंगा पटेल के पास ही कुर्सी पर करीब 70 साल की एक बुजुर्ग महिला बैठी थीं। ये अंकुर पटेल की मां किरण पटेल हैं। अंकुर के पिता का बहुत पहले ही निधन हो चुका है। आठ साल पहले किरण से शादी हुई थी। दोनों का आठ साल का बेटा है। मां किरण को कुछ समझ नहीं आ रहा। आंखें पथरा सी गई हैं। बहुत कुछ कहना चाहती हैं, पर आवाज नहीं निकल रही। वे धीरे से कहती हैं- जन्मदिन से लौटते समय पता नहीं कैसे बहक गए, क्या हो गया? ये सब रात डेढ़-दो बजे हो गया। हमें तो सुबह 5 बजे पता चला। पता नहीं, कैसे एक साथ सभी बच्चे खत्म हो गए। इतना कहते ही उनके आंसू बहने लगे। पार्ट-2
देखते ही देखते हवेली के सामने लग गई भीड़ गांव में मंगलवार सुबह ग्रामीण अपने-अपने खेत जाने की तैयारी कर रहे थे। इतने में खबर आई कि पूर्व विधायक स्वर्गीय लालजी भाई पटेल के चार पोतों और एक नाती की कार एक्सीडेंट में मौत हो गई। थोड़ी देर में पूर्व विधायक की हवेली के सामने हुजूम लग गया। गांव के लोग अपना काम छोड़कर आ गए। महिलाओं की चीखें गूंज रही थीं। गांव के बुजुर्ग हवेली के बाहर सिर पकड़कर बैठकर कह रहे थे- कैसा अनर्थ हो गया। जिस आंगन में घर आंगन में बच्चे खेलकूद कर बड़े हुए, वहीं से अर्थी उठेगी। चार अर्थियां उठीं तो पूरा गांव रो पड़ा जब चारों के शव गांव लाए गए तो चीख-पुकार मच गई। हवेली के आंगन में महिलाएं बदहवास सी पड़ी थीं। घूंघट किए हुए बहुएं दीवार से माथा मार रही थीं। जैसे-तैसे शव अर्थियों पर रखे गए। एक-एक कर अंतिम विदाई के लिए चार अर्थियां उठीं तो पूरा गांव रो पड़ा। अंतिम यात्रा के बाद शाम को श्मशान घाट पर चार चिताओं को सजाया गया। अंकुर को उनके छोटे भाई अंकित ने, मृदुल को उनके चचेरे भाई सतीश, विजय को शुभम और हरिशंकर को अनीश ने मुखाग्नि दी। पांचवें मृतक संजीव पटेल का अंतिम संस्कार उनके पैतृक क्षेत्र नरोरा में किया गया। …………………………… यह खबर भी पढ़ें- चलते ट्रक में घुसी XUV, 5 युवकों की मौत मैहर जिले में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात तेज रफ्तार XUV (महिंद्रा-700) आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार छह युवक फंस गए। पांच युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पढ़ें पूरी खबर

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