पीथमपुर के घाटाबिल्लोद क्षेत्र में कर्ज की वसूली न होने और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर प्रॉपर्टी ब्रोकर ने सोमवार को आत्महत्या कर ली। घाटाबिल्लोद के मूल निवासी मनोज मंडलोई ने सल्फास खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस को मृतक के पास से सुसाइड नोट मिला है। मंगलवार को शुरुआती जांच के दौरान मृतक मनोज मंडलोई की जेब से मिले सुसाइड नोट में क्षेत्र के दो प्रभावशाली व्यक्तियों, उमेश गुप्ता पूर्व बीजेपी जिला महामंत्री और प्रोपर्टी व्यवसायी राम खंडेलवाल का स्पष्ट रूप से नाम लिखा हुआ है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस सुसाइड नोट में करीब साढ़े सात करोड़ रुपए के लेनदेन के विवाद का उल्लेख किया गया है। सुसाइड नोट में ये बातें लिखी- मैं मनोज मण्डलोई यह लिखता हूं कि उमेश गुप्ता पिता मुरलीदास जी गुप्ता बस स्टैंड मेन रोड घाटाबिल्लोद वाले से मुझे सात करोड़ पचास लाख रुपए (75000000) लेना है। इसमें 35000000/- मीचोली की जमीन मैंने इनको बेची है, उसके हैं और बाकी के रुपए नगद दिए हैं। जिसको लगभग तीन साल हो गए हैं। सब हिसाब मिलाकर सात करोड़ पचास लाख रुपए बनते हैं। दूसरा राम खण्डेलवाल पिता सुरेश चन्द्र खण्डेलवाल बस स्टैंड मेन रोड घाटाबिल्लोद वाले से एक करोड़ बीस लाख लेना है। ये दोनों लोगों के कारण मैं बहुत परेशान हो गया हूं। मेरे रुपए नहीं दे रहे हैं। मैं जो भी कदम उठा रहा हूं, उसके पीछे ये दोनों लोग उमेश गुप्ता और राम खण्डेलवाल दोनों जिम्मेदार हैं। मुझे मजबूर कर दिया है इन्हीं के कारण मैंने यह कदम उठाया। मेरी मौत का कारण ये दोनों हैं। पैसे नहीं लौटा रहे थे दोनों लोग मृतक के परिजन अशोक जोशी ने बताया कि उमेश गुप्ता से 7.5 करोड़ और खंडेलवाल से 1.20 करोड़ रुपए मनोज को लेने थे। आरोपी प्रभावशाली होने के कारण लगातार मनोज को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन-चार साल से आरोपी पैसे नहीं लौटा रहे थे और जब भी मनोज अपने पैसे मांगते, तो वे खुद को भाजपा का नेता बताकर धौंस जमाते थे। जोशी के अनुसार, आरोपी पैसे न देने के बहाने कभी जमीन तो कभी मकान की रजिस्ट्री मनोज के नाम कराने का झूठा दिलासा देकर लगातार समय टालते रहे। उन्होंने बताया कि अकेले उमेश गुप्ता की तरफ करीब साढ़े सात करोड़ रुपये और राम खंडेलवाल की तरफ एक करोड़ बीस लाख रुपये बकाया थे। परिजनों ने प्रशासन से न्याय की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ये लोग समय पर पैसे लौटा देते, तो आज उनके परिजन की जान बच जाती। परिवार अब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। परिवार ने की कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार और अशोक जोशी ने शासन और पुलिस प्रशासन से हाथ जोड़कर मांग की है कि आरोपियों के राजनीतिक रसूख को नजरअंदाज करते हुए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, परिवार के हक का जो पैसा आरोपियों के पास फंसा है, उसे तत्काल वापस दिलाया जाए ताकि मासूम बच्चों का भविष्य और पढ़ाई अंधकार में न जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कानून को ऐसी सख्त मिसाल पेश करनी चाहिए जिससे कोई भी रसूखदार किसी मजबूर व्यक्ति को इस तरह आत्मघाती कदम उठाने के लिए विवश न कर सके। पुलिस ने क्या बताया? घटबिल्लोद चौकी प्रभारी निलेश मालवीय ने कहा कि पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जांच में जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उस आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी।
