वैश्विक स्तर पर होर्मुज से तेल टैंकरों के गुजरने पर अब भी पाबंदियां लगी हैं। इससे ईंधन को लेकर चिंता बनी हुई है। राहत की बात यह है कि ईंधन बचाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद प्रदेश के नेशनल हाईवे पर निजी वाहनों यानी कार, जीप और वैन की आवाजाही घटी है। पीएम मोदी ने 10 मई को देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने और जहां संभव हो निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन व कार-पूलिंग अपनाने की अपील की थी। भास्कर ने इसके असर की पड़ताल के लिए प्रदेश के 13 जिलों के 29 टोल का डेटा खंगाला। सामने आया कि अपील से पहले यानी 1 से 10 मई तक इन टोल से 11 लाख 14 हजार 715 कार-जीप गुजरी थीं। इसके बाद 11 से 20 मई के बीच इनकी संख्या 74,629 घटकर 10 लाख 40 हजार 86 रहा गई। यानी महज 10 दिनों में इन टोल पर कार-जीप की आवाजाही 6.7% घट गई। यह आंकड़ा हाईवे पर निजी गाड़ियों की आवाजाही में कमी का संकेत देता है, हालांकि ट्रैफिक पैटर्न में बदलाव के पीछे कुछ अन्य व्यवहारिक कारण भी हो सकते हैं। सागर टोल पर आवाजाही बढ़ी : भास्कर की पड़ताल में शामिल 29 टोल में सागर का किशनपुरा इकलौता टोल रहा, जहां वाहनों की आवाजाही घटने के बजाय बढ़ी। यहां 1 से 10 मई के बीच 13,384 वाहन गुजरे थे, जबकि 11 से 20 मई के बीच यह संख्या 436 बढ़कर 13,820 हो गई। यानी 3.3% की बढ़ोतरी हुई। पड़ताल में रायसेन और जबलपुर के 4-4, हरदा और सिवनी के 3-3, सागर, गुना, सीहोर, राजगढ़, छिंदवाड़ा और नरसिंहपुर के 2-2 तथा विदिशा, बैतूल और बालाघाट के 1-1 टोल का डेटा शामिल किया गया है। एनएचएआई; एक महीने की कमाई 1.66 करोड़ घटी : इंडियन हाईवेज़ मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) के आंकड़े भी हाईवे पर वाहनों की आवाजाही में कमी की तस्वीर दिखाते हैं। प्रदेश के 73 टोल प्लाजा से मई में 74.22 लाख वाहन गुजरे और FASTag से 40.57 करोड़ रुपए टोल कलेक्शन हुआ। जून में इन्हीं टोल से वाहनों की संख्या 1.43 लाख घटकर 72.79 लाख रह गई। यानी एक महीने में आवाजाही 1.9% घटी। इसका असर टोल कलेक्शन पर और ज्यादा रहा। जून में FASTag कलेक्शन 1.66 करोड़ रुपए घटकर 38.91 करोड़ रह गया। यानी वाहन 1.9% कम हुए, जबकि टोल कलेक्शन 4.1% घट गया। एमपीआरडीसी; राज्य की सड़कों पर भी घटा ट्रैफिक : मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड (एमपीआरडीसी) के टोल आंकड़े भी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही घटने की तस्वीर दिखाते हैं। मई में 49 टोल से 12.87 लाख कार, जीप और वैन गुजरीं, जून में 52 टोल से 11.91 लाख और जुलाई में 44 टोल से सिर्फ 9.67 लाख वाहन गुजरे। यानी मई की तुलना में जुलाई में इन वाहनों की आवाजाही 24.9% घट गई। इसी दौरान टोल वसूली भी मई के 1624.57 लाख रुपए से घटकर जुलाई में 967.18 लाख रुपए रह गई। यानी तीन महीने में टोल आय में 40.5% की गिरावट आई।
