दतिया में मानसून से पहले करोड़ों रुपए खर्च कर किए जाने वाले बिजली कंपनी के प्री-मानसून मेंटेनेंस की रविवार को पहली ही आंधी में पोल खुलती नजर आई। शाम करीब 6 बजे शहर में तेज आंधी शुरू होते ही बिजली कंपनी ने एहतियात के नाम पर पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। खास बात यह रही कि रात साढ़े 8 बजे तक बिजली विभाग के पास किसी प्रकार के फॉल्ट, तार टूटने या अन्य नुकसान की सूचना नहीं थी। इसके बावजूद शहर अंधेरे में डूबा रहा। मौसम विभाग के अलर्ट के कारण सप्लाई बंद की
शहरी क्षेत्र के जेई ओपी ने बताया कि आंधी के दौरान किसी तरह की तकनीकी क्षति सामने नहीं आई है। मौसम विभाग के अलर्ट और सुरक्षा कारणों से बिजली सप्लाई बंद की गई है। आंधी पूरी तरह थमने के बाद ही लाइन चालू की जाएगी। हालांकि, कंपनी की इस कार्रवाई ने प्री-मानसून मेंटेनेंस की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर वर्ष बारिश और आंधी से पहले बिजली कंपनी द्वारा लाइन, ट्रांसफार्मर और नेटवर्क की मजबूती के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही आंधी में बिना किसी नुकसान के पूरे शहर की बिजली बंद करना लोगों को समझ नहीं आया। बाजारों और अस्पतालों में असर दिखाई दिया
बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर बाजारों और अस्पतालों में देखने को मिला। शाम के व्यावसायिक समय में दुकानदारों को कारोबार प्रभावित होने की शिकायत रही। वहीं जिला अस्पताल में भी कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी और उमस के बीच घरों में लोग बेहाल रहे। शहरवासियों का कहना है कि यदि नेटवर्क पूरी तरह सुरक्षित और मेंटेनेंस दुरुस्त है तो केवल आंधी शुरू होते ही पूरे शहर की बिजली बंद करना विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़ा करता है। लोगों ने मांग की कि भविष्य में बिना फॉल्ट और वास्तविक खतरे की स्थिति के लंबी बिजली कटौती से बचा जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।
