नौरादेही बाघ अभयारण्य में बाघ के हमले में घायल व्यक्ति के मामले में चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को देखने पर ऐसा प्रतीत होता है मानो बाघ की तरह गोली चलाई गई हो। वीडियो में बाघ के सामने से गोली जैसी चीज निकलते दिख रही है। इसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या नौरादेही बाघ अभयारण्य के मोहली रेंज में किसी बाघ की तरफ गोली चलाई गई थी, जिसके बाद उसने एक स्थानीय ग्रामीण पर हमला कर दिया। यह घटना उस गांव की है, जिसे अभयारण्य घोषित किए जाने से पहले वन्यजीव आवास क्षेत्र घोषित होने के कारण विस्थापन के लिए चिह्नित किया गया था, लेकिन आज भी गांव के लोग वहीं रह रहे हैं। बाघ पर गोली चलने की आशंका के बीच इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है। आरटीआई एक्टिविस्ट और वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट अजय दुबे ने यह वीडियो एक्स पर अपलोड किया है और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री कार्यालय, नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA), केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री समेत अन्य एजेंसियों से की है। ‘वीडियो में ऐसा लग रहा है बाघ को हमला करने के लिए उकसाया गया हो’ दुबे ने एक्स पर लिखा है कि पटना मोहली गांव अभयारण्य क्षेत्र में आता है। इस गांव के विस्थापन के लिए निधि जारी होने के बावजूद अब तक इसे विस्थापित क्यों नहीं किया गया? इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को खतरनाक स्थिति में पहुंचा दिया है। दुबे का कहना है कि सामने आए वीडियो को देखकर ऐसा लगता है कि बाघ को स्थानीय ग्रामीण पर हमला करने के लिए उकसाया गया हो। अत्यंत विश्वसनीय सूत्रों द्वारा साझा किए गए वीडियो में लगभग तीन सेकंड के आसपास संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया है कि घटना के समय गश्ती वनकर्मी कहां थे। आरटीआई एक्टिविस्ट दुबे के अनुसार, वन विभाग का यह दावा कि युवक पर शौच के दौरान हमला हुआ, पूरी तरह मनगढ़ंत प्रतीत होता है। सच्चाई क्यों छिपाई जा रही है? उन्होंने कहा कि यह भी नहीं भूलना चाहिए कि अतीत में इसी अभयारण्य से एक रेडियो कॉलर लगा बाघ रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया था और उसकी कोई जवाबदेही तय नहीं हुई थी। उन्होंने पूरे मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सोमवार की घटना, एपीसीसीएफ बोले- जांच कराएंगे पटना मोहली गांव में यह घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया था कि बाघ ने एक ग्रामीण पर हमला कर दिया था। इस मामले में एपीसीसीएफ (वन्यजीव) एल. कृष्णमूर्ति का कहना है कि वीडियो देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि बाघ को कुछ मारा गया है। उसे पत्थर मारा गया है या कोई अन्य वस्तु, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है और मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय रेंज ऑफिसर और एसडीओ मौके पर पहुंच गए हैं। विस्थापन हो गया तो खेती की जमीन क्यों दिख रही? इस घटना को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने सवाल उठाया है कि यदि यह गांव विस्थापित हो चुका है, तो वीडियो में खेती की जमीन कैसे दिखाई दे रही है? उनका कहना है कि वीडियो देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि टाइगर खेती वाले क्षेत्र से गुजर रहा था और भीड़ ने उसे देख लिया। इसके बाद उस पर हमला किया गया, जिससे भड़ककर टाइगर ने ग्रामीण पर हमला कर दिया। दुबे का कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों को पूरे मामले की बैलेस्टिक विशेषज्ञों से जांच करानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बाघ पर किसी प्रकार की गोली या अन्य वस्तु से हमला किया गया था या नहीं।
