देवास में शाम होते ही मंदिरों और घरों में करवा चौथ की रौनक दिखाई देने लगी। हाथों में सजी पूजा की थाली, जलते दीये और सजी महिलाओं ने पूरे माहौल को भक्ति और उत्साह से भर दिया। सुबह से निर्जला व्रत रखकर महिलाओं ने पति की लंबी उम्र की कामना की और शाम होते ही चांद के दीदार का इंतजार करने लगी। शहर के प्रसिद्ध सिद्धेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा की थालियां लेकर एकत्र हुईं। महिलाओं ने एक साथ बैठकर विधि-विधान से करवा चौथ का पूजन किया और व्रत की कथा सुनी। मंदिर परिसर में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा, जहां हर तरफ महिलाओं में परंपरा निभाने की खुशी नजर आई। नवविवाहिताओं में दिखा खास उत्साह पहली बार व्रत रख रही सिमरन कौर ने बताया कि शादी के बाद पहला करवा चौथ होने से वे सुबह से ही काफी उत्साहित थीं। वहीं स्मिता सलूजा ने बताया कि सभी महिलाओं ने एक साथ मिलकर पूजा-पाठ किया। इसके बाद छलनी से पति का चेहरा देखकर व्रत खोलने की परंपरा पूरी की गई। चांद देखकर पति के हाथों खोला व्रत जैसे ही आसमान में चांद नजर आया, महिलाओं के चेहरे खिल उठे। सुहागिनों ने छलनी से पहले चांद को अर्घ्य दिया और फिर पति का चेहरा देखकर पूजा की। इसके बाद पतियों ने अपनी पत्नियों को जल पिलाकर व्रत खुलवाया।
