राजगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद को धार्मिक होने के मुद्दे पर खुली चुनौती दी है। शनिवार को राजगढ़ में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान प्रेसवार्ता में उनसे पूछा गया कि भाजपा नेता कहते हैं कि जब उनकी सरकार थी, तब उन्हें भगवान राम की याद क्यों नहीं आई? इस पर सिंह ने कहा- मैंने रामलीला पूजन में चंदा दिया, गौ सेवा आयोग का गठन किया। मेरे गृह क्षेत्र राघौगढ़ में 400 साल पुराना राघवजी का मंदिर है। भाजपा में कोई एक व्यक्ति बता दो, जो मुझसे ज्यादा धार्मिक हो। आरएसएस या विहिप में भी ऐसा व्यक्ति बता दो, जो मुझसे ज्यादा धार्मिक हो। सिंह ने कहा कि सनातन धर्म का स्वाभिमान बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने यात्रा में वोट चोरी का मुद्दा उठाने पर सवाल किए जाने पर कहा कि क्या वोट चोरी रोकना उनकी जिम्मेदारी नहीं है? वोट चोरी चंदा चोरी से भी ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि इससे लोगों की नागरिकता समाप्त हो रही है। राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन खरीद पर भाजपा नेताओं पर लगाए आरोप प्रेसवार्ता में दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन खरीद को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में शाम को दो करोड़ रुपए में जमीन खरीदी गई और अगले ही दिन वही जमीन राम मंदिर ट्रस्ट ने 18 करोड़ रुपए में खरीद ली। सिंह ने कहा कि इससे सीधे तौर पर बड़ा आर्थिक लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में एसआईटी को प्रमाण सौंपे गए, लेकिन जांच नहीं हुई।
उन्होंने आरएसएस के पूर्व प्रचारक महिपाल सिंह का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, महिपाल सिंह ने 2021 में राम मंदिर के चंदे की गिनती और हिसाब-किताब में गड़बड़ी की शिकायत की थी। वे अकाउंटिंग का काम देखते थे, लेकिन शिकायत के अगले ही दिन उन्हें हटा दिया गया। वोट चोरी को बताया- चंदा चोरी से ज्यादा खतरनाक पत्रकारों ने सवाल किया कि यात्रा धार्मिक है या इसमें राजनीतिक मुद्दे ज्यादा उठाए जा रहे हैं? इस पर सिंह ने कहा कि वोट चोरी चंदा चोरी से भी ज्यादा खतरनाक है। इससे लोगों की नागरिकता समाप्त हो रही है। उन्होंने वैष्णोदेवी, केदारनाथ, मध्यप्रदेश के ओरछा और उज्जैन के मंदिरों में चंदे को लेकर भी सवाल उठाए। कैलाश विजयवर्गीय और आजम खान को बताया मित्र नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लेकर पूछे गए सवाल पर सिंह ने कहा कि वे उनके मित्र हैं और उन्हें काफी समय से जानते हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को भी उन्होंने अपना मित्र और अच्छा राजनेता बताया। उन्होंने कहा कि आजम खान ने यूनिवर्सिटी शुरू की और उसमें अपनी पूरी संपत्ति लगा दी। यूपीए सरकार के दौरान यूनिवर्सिटी को मंजूरी दिलाने में उन्होंने मदद की थी। “वोट चोरी, चंदा चोरी और राजगढ़ में भैंस चोरी” दिग्विजय सिंह ने राजगढ़ में भैंस चोरी की घटनाओं को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि देश में मंदिरों का चंदा चोरी हो रहा है, चुनाव में वोट चोरी हो रही है और राजगढ़ में कांग्रेसियों की भैंस चोरी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि जिले में जिन लोगों की भैंस चोरी हुई हैं, उनमें अधिकतर कांग्रेसी हैं। दिल्ली की महारैली में पहुंचने की अपील सिंह ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली राहुल गांधी की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो दिल्ली जा सकते हैं, वे वहां पहुंचें और जो नहीं जा सकते, वे यात्रा में उनके साथ चलें। इससे पहले शनिवार सुबह दिग्विजय सिंह ने मां जालपा के दर्शन किए और नेवज नदी की पूजा की। जगह-जगह उनका फूलों से स्वागत किया गया। इसके बाद यात्रा कालीपीठ मार्ग से होते हुए दंड जोड़ स्थित रामदेव मंदिर पहुंची। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह, पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी, बापूसिंह तंवर, यात्रा प्रभारी चंदरसिंह सौंधिया और रामचंद्र दांगी सहित अन्य नेता मौजूद रहे। रात को यात्रा कालीपीठ में रात्रि विश्राम करेंगी और कल यात्रा का गुना जिले में प्रवेश होगा।
