दतिया में सहीड़ाकलां निवासी 33 वर्षीय विवाहिता ने पति और ससुराल पक्ष के चार लोगों पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और घर से निकालने का आरोप लगाया है, जिस पर महिला थाना पुलिस ने शनिवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शादी के बाद शुरू हुई प्रताड़ना पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी 4 अगस्त 2024 को ग्राम सहीड़ाकलां निवासी अखलेश जाटव से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष का व्यवहार बदलने लगा और उसे परेशान किया जाने लगा। महिला का कहना है कि पति, सास, ससुर और जेठ उसे कम दहेज लाने की बात कहकर लगातार ताने देते थे। इसी बात को लेकर घर में विवाद होता रहता था। एक लाख रुपए की मांग पीड़िता के अनुसार, ससुराल पक्ष उस पर मायके से एक लाख रुपये लाने का दबाव बना रहा था। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। महिला ने बताया कि जून 2025 में उसके बेटे का जन्म हुआ, लेकिन इसके बाद भी उसके साथ हो रही प्रताड़ना में कोई कमी नहीं आई। मारपीट कर मायके छोड़ गए आरोप है कि जुलाई 2025 में ससुराल पक्ष ने उसके साथ मारपीट की और उसे मायके छोड़ दिया। इसके बाद से वह अपने मायके में ही रह रही थी। पीड़िता के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को वह अपने बच्चे को लेकर ससुराल पहुंची, लेकिन वहां फिर से विवाद हो गया और उसके साथ दोबारा मारपीट की गई। बच्चे को अपने पास रखने का आरोप महिला ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने उसके बच्चे को अपने पास रख लिया और शर्त रखी कि एक लाख रुपये लाने पर ही उसे साथ रखा जाएगा। महिला थाना पुलिस ने पति अखलेश जाटव, ससुर खुमान जाटव, सास भारती जाटव और जेठ सुनील जाटव के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा की गंभीरता को सामने लाता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और जागरूकता की जरूरत महसूस की जा रही है।
