दतिया उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। बुधवार को बीजेपी के सीनियर लीडर और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नामांकन पत्र खरीद लिया है। हालांकि, पार्टी की तरफ से अभी किसी प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गई है। उधर, कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने कहा है कि यदि पार्टी चाहे तो उनके परिवार के बजाय किसी अन्य नेता को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। कांग्रेस जिस भी उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी, वे उसके समर्थन में पूरी ताकत से चुनाव प्रचार करेंगे। बुधवार को डॉ. नरोत्तम मिश्रा के अलावा बालकिशन विश्वकर्मा (छतरपुर), वेदराम कुर्मी (दमोह) और हंसमुखी लोधी ने भी नामांकन पत्र खरीदे। इसके साथ ही 3 दिन में नामांकन फॉर्म लेने वालों की कुल संख्या 9 हो गई है। पहले दिन सोमवार को आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव और केशव यादव ने फॉर्म खरीदे थे। मंगलवार को कांग्रेस नेता अवधेश नायक के साथ हरदास और रामसिंह ने भी नामांकन पत्र लिए। हालांकि, अब तक किसी भी उम्मीदवार ने अपना नामांकन दाखिल नहीं किया है। भारती बोले- फैसला पार्टी नेताओं पर छोड़ दिया दैनिक भास्कर से टेलीफोन पर हुई बातचीत में राजेंद्र भारती ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया है कि यदि पार्टी किसी अन्य योग्य नेता को उम्मीदवार बनाती है तो भी वे तन, मन और धन से उसकी जीत सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। भारती ने कहा- हमने ये कह दिया है कि हमारा लड़ना बहुत जरूरी नहीं है। पार्टी को और अच्छा कोई कैंडिडेट मिलता है तो आप उसे लड़ाइए। हम पूरा सपोर्ट करेंगे। ये पूछने पर कि क्या आपका परिवार चुनाव लड़ने से पीछे हट गया है, भारती बोले- पीछे तो नहीं हटे हैं, अब फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया है। अब ऐसी स्थिति में क्या अवधेश नायक या घनश्याम सिंह का नाम आगे है, इसके जवाब में भारती बोले कि दोनों का नाम है, या फिर पिछड़ा वर्ग का कोई व्यक्ति हो सकता है। अवधेश नायक और घनश्याम सिंह की दावेदारी मजबूत राजेंद्र भारती के परिवार के पीछे हटने के बाद पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व उपाध्यक्ष अवधेश नायक और दतिया से दो बार विधायक रह चुके घनश्याम सिंह टिकट के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने पहले अवधेश नायक को उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन बाद में उनका टिकट बदलकर राजेंद्र भारती को दे दिया था। अंतर्विरोध से बचने का दांव भी हो सकता है राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस में टिकट को लेकर चल रहे अंतर्विरोध और अन्य दावेदारों की नाराजगी को देखते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती का यह बयान रणनीतिक दांव भी हो सकता है। अतीत में टिकट नहीं मिलने पर राजेंद्र भारती अन्य दलों से चुनाव लड़ चुके हैं। वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक भी रह चुके हैं। ऐसे में यह बयान अवधेश नायक, घनश्याम सिंह समेत अन्य दावेदारों के विरोध से बचने और पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी सकारात्मक छवि बनाए रखने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… राजेंद्र भारती की याचिका पर हाईकोर्ट में एक घंटे चली सुनवाई बैंक एफडी घोटाले में सजायाफ्ता पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की याचिका पर बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में करीब एक घंटे तक भारती के वकीलों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद कार्यवाही समाप्त हो गई। अब मामले में सरकारी पक्ष की सुनवाई गुरुवार दोपहर 2:30 बजे से होगी। पढ़ें पूरी खबर…
