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दंपती ने रसायन छोड़ खेती में अपनाया जीवामृत:100 एकड़ में जमीन पर उगाई जैविक फसल; श्री देवगिरी ब्रांड नेम से बेच रहे उत्पाद

शुद्ध और पौष्टिक भोजन की बढ़ती मांग के बीच एक किसान दंपती पारंपरिक खेती को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़कर नई इबारत लिख रहा है। हिंगानासीर (बुदनी) निवासी देवेंद्र सिंह सिसोदिया और उनकी पत्नी स्वाति सिंह सिसोदिया ने आकर्षक नौकरी के अवसर ठुकराकर पुश्तैनी खेती को ही अपना करियर चुना। आज जैविक खेती, गिर नस्ल की गायों पर आधारित डेयरी और फिश फार्म के सफल संचालन के लिए पहचाने जाते हैं। करीब 3 वर्ष पहले उन्होंने 100 एकड़ भूमि पर जैविक खेती की शुरुआत की। रासायनिक उर्वरकों से दूरी बनाते हुए उन्होंने गोबर की खाद को आधार बनाया और गुजरात से गिर नस्ल की गायें मंगवाईं। वर्तमान में उनके पास लगभग 45 गिर गायें हैं, जिसे भविष्य में बढ़ाकर एक हजार तक करने का लक्ष्य है। दोनों पति-पत्नी रोज सुबह चार बजे से काम में जुट जाते हैं और 6 बजे तक ताजा दूध निकालकर उपभोक्ताओं तक पहुंचा देते हैं। जैविक मूंग सहित धान व तुअर का उत्पादन खेती में किसान ने जैविक मूंग के साथ धान और तुअर (अरहर) की फसल ली है। आमतौर पर किसान मूंग पकाने के लिए रसायनों का उपयोग करते हैं, लेकिन सिसोदिया दंपति फसल को पहले कटवाकर प्राकृतिक रूप से सुखाते हैं, फिर थ्रेसर से दाने अलग करते हैं। कीटनाशकों की जगह नीम, मट्ठा और अन्य प्राकृतिक घोल का प्रयोग किया जाता है। अच्छे उत्पादन के लिए जीवामृत का उपयोग उत्पादन बढ़ाने के लिए वे ‘जीवामृत’ का उपयोग करते हैं, जो मिट्टी में सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ाकर फसल की वृद्धि को तेज करता है। एक एकड़ के लिए 10 किलो देसी गाय का ताजा गोबर, 10 लीटर गौमूत्र, 2 किलो गुड़, 2 किलो बेसन या चने का आटा, मुट्ठीभर जीवित मिट्टी और 200 लीटर पानी मिलाकर यह घोल तैयार किया जाता है। क्षेत्र के किसानों को भी कर रहे प्रेरित देवेंद्र सिसोदिया अन्य किसानों को भी जैविक खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने अनुबंध आधारित खेती की पहल की है, जिसके तहत किसानों से जैविक उत्पादन करवाकर बाजार मूल्य पर खरीदने का आश्वासन दिया जाता है। वर्मी कम्पोस्ट इकाई भी शुरू की गई है। धान, गेहूं और मसालों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके फार्म हाउस पर कच्ची घानी का तेल तैयार होता है, वहीं हल्दी, धनिया और मिर्च की जैविक खेती भी की जा रही है। कच्ची घानी का तेल भी कर रहे तैयार कृषि और डेयरी गतिविधियों को संगठित रूप देने के लिए उन्होंने ‘वासुदेव गिरी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी स्थापित की है। ‘श्री देवगिरी’ ब्रांड नाम से गिर गाय का दूध, घी, पनीर, गेहूं, अरहर, मूंग दाल और कच्ची घानी का तेल बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी उत्पाद लैब परीक्षण से प्रमाणित हैं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी बिक्री हो रही है। भविष्य में बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर विस्तार की तैयारी है।

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