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तंत्र-मंत्र के चक्कर में 2 बेटों का मर्डर:7 दिन घर में चली पूजा, पानी में जहर मिलाकर पिलाया; मां समेत 4 को उम्रकैद

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में अपने ही घर के 2 बेटों को तंत्र-मंत्र कर मर्डर करने वाले परिवार को उम्रकैद हुई है। ग्राम तांदुलडीह में 2 साल पहले यह घटना हुई थी। जहां मां और बहनें घर पर तंत्र साधना करती थीं। भाइयों ने विरोध किया तो उन्हें पानी में कीटनाशक मिलाकर पिलाया और गला घोंट दिया। मामला बाराद्वार थाना क्षेत्र का है। जांच में सामने आया था कि, परिवार ने उज्जैन के उमाकांत नामक बाबा से गुरु दीक्षा ली थी। वारदात से 7 दिन पहले सभी आरोपी उपवास रखे थे। भाइयों को कमरे में बंद कर तंत्र पूजा कर रहे थे। आरोपियों में मां, 2 बहनें और एक भाई शामिल हैं, जिन्हें आजीवन कारावास हुआ है। वारदात की तस्वीरें देखिए… 7 दिन तक घर में बंद था परिवार पुलिस के मुताबिक, ग्राम तांदुलडीह की रहने वाली फिरीतबाई सिदार के 5 बच्चे (2 बेटियां 3 बेटे) हैं। अक्टूबर 2024 में वह अपने बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में लगातार 7 दिनों तक बंद थी। अंदर से चिल्लाने की आवाजें आतीं थी। कई दिनों तक जब कोई भी सदस्य बाहर नहीं निकला तो पड़ोसियों को शक हुआ, उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि घर के अंदर तंत्र साधना, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे। कमरे में उज्जैन के एक बाबा की तस्वीर रखी गई थी और परिवार के सदस्य उपवास रखकर साधना कर रहे थे। दोनों भाई जमीन पर अचेत पड़े मिले बहन अमरिका सिदार गुरु का जाप कर रही थी, जबकि फिरीतबाई, चंद्रिका और विशाल धार्मिक अनुष्ठान में लीन थे। इसी दौरान परिवार के दो युवक विकास सिदार (25) और विक्की सिदार (22) अचेत जमीन पर पड़े थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। ‘जय गुरुदेव’ के नारों के बीच पहुंची थी पुलिस 17 अक्टूबर 2024 को जब पुलिस मौके पर पहुंची, उस समय परिवार के सदस्य ‘जय गुरुदेव’ के नारे लगा रहे थे और अलग-अलग तरह की पूजा-पाठ की गतिविधियों में शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिवार के कुछ सदस्य दावा कर रहे थे कि दोनों युवक सत्संग सुनने गए हैं और विशेष साधना के जरिए उन्हें दोबारा जीवित किया जा सकता है। यहीं से पुलिस को पूरे घटनाक्रम पर संदेह हुआ और मामले की जांच शुरू की गई। दोनों भाइयों ने अंधविश्वास का विरोध किया था जांच में सामने आया कि बड़ी बहन अमरिका सिदार 6 साल पहले उज्जैन से उमाकांत नाम के बाबा से गुरु दीक्षा लेकर आई थी। इसके बाद परिवार में तंत्र साधना और अंधविश्वास लगातार बढ़ता जा रहा था। जिसका दोनों मृतक भाई विरोध करते थे और इससे दूर रहने की सलाह देते थे। पुलिस के मुताबिक, इसी विरोध के कारण परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि दोनों भाइयों को अंतिम बार गुरु पूजा और विशेष जाप में शामिल होने के बहाने बुलाया गया, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई और घटना को धार्मिक अनुष्ठान का रूप देने की कोशिश की गई। FSL जांच में मिले थे कई सुराग घटना के बाद पुलिस, एफएसएल और मेडिकल टीम ने संयुक्त जांच की। घटनास्थल से पूजा सामग्री, हवन सामग्री, धार्मिक साहित्य, नोटबुक, जड़ी-बूटियां, कीटनाशक, कपड़े और अन्य वस्तुएं बरामद की गईं थीं। इसके अलावा परिजनों, ग्रामीणों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर सबूत जुटाए गए। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया था। परिस्थितिजन्य सबूतों से साबित हुआ अपराध सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, घटनास्थल से मिले सबूतों , एफएसएल रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाण अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने सभी तथ्यों और सबूतों का परीक्षण करने के बाद चारों आरोपियों को दोषी पाया। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने मां, दो बहनों और एक भाई को दोहरे हत्याकांड का दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक उदय वर्मा ने पैरवी की। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… तंत्र साधना में रोड़ा बन रहे भाइयों को मार डाला: छत्तीसगढ़ में मां-बहनें बोलीं- आखिरी बार जाप कर लें, फिर कीटनाशक पिलाकर घोंटा गला छत्तीसगढ़ में तंत्र साधना के दौरान सगे भाइयों की मौत:मां-बेटियों सहित 4 बेहोश; 7 दिनों से घर में बंद होकर कर रहे थे पूजा-पाठ

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