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ड्रोन हमले के बाद सऊदी ने तेल पाइपलाइन बंद की:होर्मुज बंद होने के बाद इसी से रोजाना 50 लाख बैरल तेल भेज रहा था

सऊदी अरब ने ड्रोन हमले के बाद अपनी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन बंद कर दी है। गुरुवार को हुए ड्रोन हमले में पाइपलाइन से जुड़े पंपिंग स्टेशनों में आग लग गई और कुछ लोग घायल हुए। ईरान जंग के चलते होर्मुज बंद होने के बाद सऊदी इसी पाइपलाइन से रोजाना करीब 50 लाख बैरल तेल भेज रहा था। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पाइपलाइन पर गुरुवार को कई हमले हुए थे। मंत्रालय की टीमें पाइपलाइन को सुरक्षित करने और नुकसान का पता लगाने में जुटी हैं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि ये हमले किसने किए। अब तक किसी भी देश या संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा पंपिंग स्टेशनों को हुआ नुकसान अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में पाइपलाइन के पास बने पंपिंग स्टेशनों को निशाना बनाया गया। पंपिंग स्टेशन पाइपलाइन में तेल को आगे भेजने में मदद करते हैं। शुक्रवार को ली गई सैटेलाइट तस्वीर में एक पंपिंग स्टेशन पर आग से काफी नुकसान दिखाई दिया। एक दूसरी तस्वीर में स्टेशन से काला धुआं निकलता दिखा। अभी यह साफ नहीं है कि पाइपलाइन को सीधे कितना नुकसान हुआ है। यह भी पता नहीं है कि पाइपलाइन फिर से कब शुरू होगी। सऊदी का दावा- इराक से आए थे ड्रोन सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रियाद और मदीना इलाकों में पाइपलाइन पर कई ड्रोन से हमला किया गया। सऊदी के मुताबिक, ये ड्रोन इराक से आए थे। सऊदी ने कहा कि इराक के प्रधानमंत्री के कहने पर उसने अभी जवाबी हमला नहीं करने का फैसला किया है। सऊदी चाहता है कि इराक पहले अपनी जमीन से होने वाले ऐसे हमलों को रोकने के लिए कार्रवाई करे। इराक ने भी हमले की निंदा की है। इराकी सरकार ने कहा कि वह इस मामले की जांच करेगी और अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देशों पर हमला करने के लिए नहीं होने देगी। होर्मुज बंद होने के बाद बढ़ी पाइपलाइन की अहमियत सऊदी अरब का ज्यादातर तेल देश के पूर्वी हिस्से में निकलता है। इसे दूसरे देशों तक पहुंचाने के लिए आमतौर पर जहाजों का इस्तेमाल होता है, जिन्हें फारस की खाड़ी से बाहर निकलने के लिए होर्मुज स्ट्रेट से गुजरना पड़ता है। ईरान युद्ध के बाद होर्मुज का रास्ता बंद हुआ तो सऊदी ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का सहारा लिया। यह पाइपलाइन तेल को देश के पूर्वी हिस्से से सीधे पश्चिमी तट के यानबू बंदरगाह तक पहुंचाती है। यानी तेल को होर्मुज से होकर नहीं जाना पड़ता। होर्मुज बंद होने के बाद सऊदी इस पाइपलाइन से रोजाना करीब 50 लाख बैरल तेल यानबू भेज रहा था। वहां से तेल जहाजों के जरिए दूसरे देशों तक पहुंचाया जा सकता है। लाल सागर का रास्ता भी बंद होने की कगार पर होर्मुज के बाद अब लाल सागर का रास्ता भी बंद होने की कगार पर पहुंचता दिख रहा है। यमन के हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के इलाके पर कब्जे का दावा किया है और सऊदी जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की इजाजत नहीं देने की बात कही है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा है कि सऊदी समर्थित सेनाओं ने बाब अल-मंदेब के बीच स्थित पेरिम द्वीप पर अपना नियंत्रण खो दिया है। हूतियों का दावा है कि अब उनका करीब 5,400 वर्ग किलोमीटर इलाके पर कब्जा है। बाब अल-मंदेब एशिया और यूरोप के बीच जहाजों की आवाजाही का अहम रास्ता है। तेल से भरे जहाज भी इसी रास्ते से लाल सागर के जरिए यूरोप और दूसरे बाजारों तक पहुंचते हैं। —————— ये खबर भी पढ़ें… इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह की 2km लंबी सुरंग उड़ाई:विस्फोट के बाद 4.1 तीव्रता का भूकंप आया; नेतन्याहू बोले- मिशन पूरा, हैप्पी न्यू ईयर
इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह की 2 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सुरंग को ब्लास्ट कर तबाह कर दिया। ब्लास्ट के लिए करीब 1100 टन विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था। यह विस्फोट इतना तेज था कि इलाके में 4.1 तीव्रता वाले भूकंप जैसे झटके महसूस किए गए। पूरी खबर यहां पढ़ें…्

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