माध्यमिक शिक्षा मंडल को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए परीक्षा एजेंसी बनाए जाने के बाद अब अधिक से अधिक शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए कहा जाएगा। इसके लिए गुरुवार को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में तय होगा कि परीक्षा आवेदन के लिए अब कितना और समय बढ़ाया जाएगा। इधर कर्मचारी चयन मंडल द्वारा परीक्षा के लिए बुलाए गए आवेदन और आवेदन तिथि बढ़ाने के बाद अब तक 19100 शिक्षकों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की पात्रता परीक्षा लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब माध्यमिक शिक्षा मंडल को एजेंसी बनाया है। इसलिए आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह और सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल बुद्धेश वैद्य गुरुवार को बैठक करेंगे। इन अफसरों की बैठक में यह तय किया जाएगा कि ऑफलाइन ली जाने वाली परीक्षा के लिए आवेदक शिक्षकों की संख्या बढ़ाने के लिए एक बार फिर आवेदन तिथि बढ़ाई जाए। यह आवेदन तिथि एक हफ्ते या 15 दिन बढ़ाने पर आज अंतिम फैसला होगा। इसके बाद एमपी ऑनलाइन और कर्मचारी चयन मंडल को आवेदन अवधि बढ़ाने की लिखित जानकारी दी जाएगी। अब तक 19100 टीचर्स ने ही किए आवेदन कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से बुलाए जा रहे आवेदन के लिए 21 सितंबर से आवेदन लेने का काम शुरू हुआ था। इसके बाद कम आवेदन आए तो आखिरी तारीख 4 सितम्बर को फिर आवेदन तिथि 18 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी गई। इस बीच 16 सितंबर तक की स्थिति में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जो आवेदन हुए हैं उसमें आवेदक शिक्षकों की संख्या 19100 ही सामने आई है। दिसंबर के पहले सप्ताह में हो सकती है परीक्षा माशिमं अफसरों के अनुसार पात्रता परीक्षा कराने के लिए सरकार द्वारा मंडल को एजेंसी तय करने के बाद अब मंडल का पहला फोकस परीक्षा देने वाले शिक्षकों की संख्या पर है। इस परीक्षा के लिए जितने शिक्षक आवेदन करेंगे, उसके आधार पर ही मंडल व्यवस्थाएं करेगा। बताया जाता है कि शिक्षकों की संख्या तय होने के बाद परीक्षा कराने में दो महीने का समय लग जाता है, इसलिए अभी यह संभावना है कि परीक्षा दिसम्बर के पहले या दूसरे सप्ताह में कराई जाएगी। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तारीख का ऐलान किया जाएगा। उच्च पद प्रभार वाले शिक्षक भी चिंतित शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से उच्च पद का प्रभार संभालकर कार्य कर रहे शिक्षकों के बीच पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर भी चिंता बनी हुई है। शिक्षक चाहते हैं कि पदोन्नति की प्रक्रिया को लेकर विभाग स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करे, जिससे वर्षों से प्रतीक्षारत शिक्षकों को आगे की स्थिति स्पष्ट हो सके। पदोन्नति के बाद पदस्थापना का इंतजार पदोन्नति प्राप्त कर चुके शिक्षकों के लिए पदस्थापना आदेश जारी नहीं होने से भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति के बाद पदस्थापना प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जानी चाहिए, ताकि उन्हें उनके नवीन दायित्व एवं कार्यस्थल को लेकर स्पष्टता मिल सके। ई-अटेंडेंस की विसंगतियों का भी हो समाधान शिक्षकों का कहना है कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था में सामने आ रही तकनीकी एवं व्यवहारिक समस्याओं का भी विभाग द्वारा स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों, नेटवर्क समस्या तथा तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने की स्थिति में शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जरूरी हैं। लिखित और समयबद्ध दिशा-निर्देश जारी करने की मांग शिक्षक वर्ग की मांग है कि स्कूल शिक्षा विभाग टीईटी, ई-अटेंडेंस, उच्च पद प्रभार, पदोन्नति एवं पदोन्नति उपरांत पदस्थापना से संबंधित सभी विषयों पर स्पष्ट, लिखित एवं समयबद्ध दिशा-निर्देश जारी करे। इससे शिक्षकों में व्याप्त असमंजस दूर होगा और विभागीय प्रक्रियाएं पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ सकेंगी। शिक्षक हित में स्पष्ट नीति, पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध निर्णय की आवश्यकता है। ये खबर भी पढ़ें… शिक्षक पात्रता परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख फिर बढ़ेगी
प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षकों की पात्रता परीक्षा के ऑनलाइन फॉर्म भरने की तारीख एक बार फिर बढ़ने वाली है। परीक्षा की यह तिथि एक हफ्ते या 15 दिन बढ़ेगी, इसका फैसला एक दो दिनों में हो जाएगा। इस परीक्षा के लिए मामले में यह तय किया गया है कि शिक्षकों की फॉर्म भरने की संख्या के आधार पर परीक्षा केंद्र तय किए जाएंगे।पूरी खबर पढ़ें
