मध्य प्रदेश में जुलाई से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होने जा रही है। पहले चरण में इंदौर से इस सर्विस की शुरुआत होगी। जिसमें 300 बसें चलाई जाएंगी। 3 कैटेगरी में बसों का संचालन होगा। सोमवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत प्रदेश में बसों के संचालन के लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक हुई। बैठक में बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने बोर्ड के डायरेक्टर मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। मनीष सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश को 7 क्षेत्रों में, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा में विभाजित किया है। इन शहरों में पहले से चल रहे शहरी परिवहन के संबंध में जानकारी दी। बैठक में बताया कि PM E-Bus सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के तहत बसों का संचालन सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से शुरू किया जाएगा। इंदौर क्षेत्र के तहत, इंदौर संभाग के सभी जिले आते हैं। इंदौर स्थित अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) अब संपूर्ण इंदौर संभाग से प्रारंभ होने वाली बसों के कार्यक्षेत्र में काम करेंगी। तीन श्रेणी की बसों का संचालन शुरू होगा 150 इलेक्ट्रिक बसें भी होंगी शुरू इंदौर में PM E-Bus सेवा की 150 इलेक्ट्रिक बसों का भी संचालन इंदौर शहर में जुलाई माह में शुरू की जाएंगी। इलेक्ट्रिक बसें आनी शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही सात क्षेत्रीय मुख्यालयों के सातों शहर से, प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों तक जाने वाले कुल 620 मार्गों को चिन्हित किया है, जिनमें कुल 2432 बसें संचालित होगी। इसके तहत इन्दौर क्षेत्र से प्रदेश के अन्य जिलों में कुल 121 मार्ग चिन्हित किये गये हैं, जिनमें 608 बसें संचालित की जाएंगी। सात शहरों से चलेंगी सिटी बसें सात क्षेत्रीय मुख्यालय इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर, रीवा में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सिटी बसों का संचालन भी किया जाएगा। यह बसें आमजन की सुविधा के लिए हेतु शहर से आगे महत्वपूर्ण उप नगरीय क्षेत्रों तक भी जा सकेंगी। इस श्रेणी के सिटी रूट के तहत इंदौर में कुल 28 मार्ग शहर के अंदर एवं उप नगरीय क्षेत्रों तक चिन्हित किए गए हैं। इनमें आमजन की सुविधा के लिए 784 बसें (पीएम ई-बस सेवा की 150 बसों को मिलाकर) संचालित की जाएंगी। इंदौर क्षेत्र से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश राज्यों के लिए जाने वाली बसों के मार्ग, अनुबंध अनुसार, कुल 101 हैं। इसमें कुल 276 अंतर्राज्यीय बसों का संचालन अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (A.I.C.T.S.L) द्वारा किया जाएगा। इसी प्रकार इंदौर से शुरू होने वाली अंतर शहरी, सिटी बसें एवं अंतर्राज्यीय, कुल मार्गों की संख्या क्रमश: 250 हैं। इनमें कुल 1688 बसों का संचालन किया जाना प्रस्तावित हैं। जिस प्रकार से इंदौर क्षेत्र से तीनों श्रेणी की बसों का संचालन विभिन्न मार्गों पर किया जाएगा। इसी प्रकार अन्य 6 क्षेत्रीय मुख्यालयों से भी इन तीनों श्रेणी की बसों का संचालन चिन्हित मार्गों पर उस क्षेत्र की सहायक कंपनियों द्वारा किया जाएगा। मौजूदा प्राइवेट बसें चलती रहेंगी पूरे प्रदेश के सात क्षेत्रों में कुल सभी श्रेणी के, 1164 मार्गों को चिन्हित किया है। जिसमें कुल बसें 5206 संचालित होंगी। बसों का यह संचालन मोटरयान अधिनियम 1988 के सुसंगत प्रावधानों के तहत, स्कीम के प्रकाशन के बाद होगा। इसमें वर्तमान संचालित निजी बसों के अनुज्ञा-पत्र पर कोई प्रभाव नहीं आएगा। वे पूर्व व्यवस्था अनुसार संचालित होती रहेंगी। कंपनियों का ढांचा और पद राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी (मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) और 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के संगठनात्मक ढांचे, पदों और सेवा भर्ती नियम 2026 को मंजूरी दी गई है। दोनों स्तरों पर कुल 1190 पद स्वीकृत किए हैं, जिन्हें अगले 4 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। भर्ती प्रतिनियुक्ति, संविदा और संविलयन के आधार पर होगी। विभाग और जिम्मेदारी होल्डिंग कंपनी में IT, प्लानिंग, पॉलिसी, मानव संसाधन, अधोसंरचना, प्रवर्तन और बिजनेस डेवलपमेंट सहित 7 विभाग होंगे। इनके प्रमुख मुख्य महाप्रबंधक (IAS, राज्य प्रशासनिक सेवा या तकनीकी विशेषज्ञ) होंगे। होल्डिंग कंपनी में 140 पद और 7 सहायक कंपनियों में 150 पद स्वीकृत हैं। सुरक्षा व गुणवत्ता के लिए पुलिस, विशेष सशस्त्र बल और सेवानिवृत्त कर्मियों को संविदा पर लिया जाएगा। आदेश और वित्तीय स्थिति मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कलेक्टरों और नगरीय निकायों को बस सेवा व जन सुविधाएं व्यवस्थित करने और 7 शहरों की कंपनियों की देनदारियों पर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन के अनुसार, राज्य स्तरीय कंपनी की अधिकृत पूंजी 100 करोड़ रुपए और पेड-अप कैपिटल 35 करोड़ रुपए रखी जाएगी। बैठक में नीरज मंडलोई, संजय दुबे, मनीष रस्तोगी, दीपाली रस्तोगी, संजय शुक्ला सहित इंदौर के संभागायुक्त सुदाम खाडे़, कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल शामिल हुए।
