जबलपुर से करीब 40 किमी दूर बरगी डैम इलाके में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। निर्माणाधीन मंदिर में 65 वर्षीय साधु का खून से सना शव मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने कहा कि उनके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, इससे साफ है कि उनकी हत्या की गई है। घटना बरगी डैम के पास बन रहे मंदिर में हुई। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मजदूर काम करने पहुंचे। साधु तारापुरी महाराज नजर नहीं आए तो मजदूरों ने तलाश की। कुटिया में जाकर देखा तो वह खून से लथपथ मृत हालत में पड़े थे। सूचना मिलते ही बरगी थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची। सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि साधु का शव उनकी कुटिया में मिला है और शरीर पर 5 से 6 गहरी चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की पुष्टि होती है। मृतक तारापुरी महाराज मूल रूप से सिवनी जिले के रहने वाले थे। घटना की सूचना उनके परिजनों को दे दी गई है। परिजनों के आने के बाद पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। पुलिस के अनुसार, बरगी बांध के आसपास आरोपियों की तलाश जारी है। इसके साथ ही एक टीम सिवनी जिले के ईश्वरपुर गांव भी भेजी जाएगी, जहां मृतक का मूल निवास है। वहां परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर मामले के सुराग जुटाए जाएंगे। बाइक गिरी पड़ी थी, इसी में फंसी मिली घड़ी जिस कुटिया में साधु की खून से सनी लाश मिली, वहीं उनकी बाइक भी जमीन पर गिरी हुई पाई गई है। पुलिस ने आशंका जताई है कि साधु और हमलावर के बीच संघर्ष हुआ होगा। इसी दौरान बाइक गिर गई, जिससे घटना के वक्त झूमाझपटी होने की संभावना बढ़ गई है। मौके पर मिली बाइक में एक घड़ी भी फंसी हुई पाई गई है। पुलिस को शक है कि यह घड़ी या तो मृत साधु की हो सकती है या फिर हमलावर की। इस सुराग को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिवनी के रहने वाले थे साधु करीब एक साल पहले मृतक तारापुरी महाराज ईश्वरपुरी (सिवनी) बरगी डैम के पास आकर रहने लगे थे। मां नर्मदा के भक्त होने के कारण यहीं रहने लगे थे। स्थानीय लोगों की मदद से बांध के किनारे मंदिर का निर्माण करा रहे थे। जानकारी के मुताबिक, साधु शुक्रवार को घंसौर में चल रहे एक केस की पेशी पर गए थे और रात में वापस कुटिया लौटे थे। बताया यह भी जा रहा है कि साधु महाराज के गांव में किसी जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा था।
