केंद्र सरकार ने भारतीय वायुयान नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। ये नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। नए नियमों के तहत एयरलाइंस को टिकट बुक करते समय किराए और सभी शुल्कों का अलग-अलग ब्योरा देना होगा। यह जानकारी बुकिंग वेबसाइट और जारी टिकट, दोनों पर देनी होगी। ब्योरे में कुल रकम के साथ किराया, टैक्स, फीस, कैंसिलेशन चार्ज और रिफंड की शर्तें अलग-अलग बतानी होंगी। किसी अन्य शुल्क की जानकारी भी देनी होगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय असाधारण स्थिति में हवाई किराए को लेकर दखल दे सकेगा। हालांकि, असाधारण स्थिति किसे माना जाएगा, यह साफ नहीं किया गया है। भारतीय वायुयान नियम, 2026 को भारतीय वायुयान विधेयक, 2024 के तहत बनाया गया है। इस विधेयक ने 90 साल पुराने एयरक्राफ्ट एक्ट, 1934 की जगह ली थी। ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 की जगह लागू होंगे। टिकट पर कौन-कौन सी जानकारी होगी नियमों के मुताबिक, एयरलाइन को टिकट का विस्तृत ब्रेक-अप बुकिंग वेबसाइट और बुक किए गए टिकट पर दिखाना होगा। इसमें कुल रकम के साथ किराया, टैक्स, फीस, कैंसिलेशन चार्ज, रिफंड की शर्तें और कोई अन्य शुल्क अलग-अलग दर्ज होना चाहिए। एयरलाइंस की ओर से तय किराए की निगरानी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) करेगा। असाधारण स्थिति में सरकार के पास दखल का अधिकार नियमों में कहा गया है कि अगर केंद्र सरकार को लगता है कि असाधारण स्थिति पैदा हुई है, तो वह लिखित आदेश जारी कर सकती है। सरकार जनहित में जरूरी और उचित निर्देश दे सकेगी। हालांकि, नियमों में असाधारण स्थिति की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है।
