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छत्तीसगढ़ में बिजली 30-50 पैसे प्रति यूनिट महंगी:कमर्शियल यूजर्स के लिए 20-40 पैसे बढ़े दाम, कल प्रदेशभर में बिजली दफ्तर घेरेंगे कांग्रेसी

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरें जारी कर दी हैं। नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट महंगी होगी। वहीं कॉमर्शियल बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। कृषि पंपों की बिजली दर में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शनों पर ऊर्जा प्रभार में मिलने वाली छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस 17 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली दफ्तरों का घेराव करेगी और 18 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के खिलाफ अपना पक्ष रखेगी। बता दें कि आयोग ने बताया कि बिजली वितरण कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि को खारिज किया गया है। औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए टैरिफ 6.42 रुपए प्रति kVAh तय किया गया है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में लागू होंगी। आयोग के अनुसार, बिजली कंपनी को 1 यूनिट बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में औसतन 7.13 रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन वर्तमान बिजली दरों के हिसाब से उसे प्रति यूनिट सिर्फ 6.71 रुपए की आय हो रही है। नई दरों का असर आम जनता पर सीमित- शुक्ला छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के सचिव सूर्य प्रकाश शुक्ला ने कहा कि पूरे टैरिफ में देखे तो 40 से 42 पैसे औसतन वृद्धि की गई है, लेकिन सभी श्रेणियों में एक समान बढ़ोतरी नहीं हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निचले स्लैब में 30 पैसे प्रति यूनिट और ऊपरी स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। 200 यूनिट तक बिजली बिल में छूट मिलती रहेगी उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली बिल हाफ योजना का लाभ ले रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें 200 यूनिट तक बिजली बिल में छूट मिलती है। राज्य के लगभग 70 से 75 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता इसी श्रेणी में आते हैं, इसलिए नई दरों का असर उन पर सीमित रहेगा। शुक्ला ने कहा कि 400 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने वाले कई उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा योजना के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए हैं। इससे उनकी ग्रिड से बिजली की खपत कम हो जाती है और वे भी कम खपत वाली श्रेणी में आकर कई योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। कृषि पंपों के संबंध में शुक्ला ने कहा कि सब्सिडी प्राप्त करने वाले किसानों के लिए भी बिजली दरों में केवल 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी व्यवस्था यथावत रहने से किसानों पर बढ़ोतरी का असर सीमित रहेगा। कम आय वर्ग पर असर नहीं सरकार की ‘मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना’ के कारण 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को 200 यूनिट का बिल आधा देना होता है। इस वजह से निम्न और मध्यम वर्ग पर नया बोझ सिर्फ 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट ही पड़ेगा। वहीं, ‘पीएम सूर्यघर योजना’ के तहत सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ताओं पर भी इस बढ़ोतरी का असर बेहद कम होगा। आदिवासी क्षेत्रों को रियायत बस्तर और सरगुजा संभाग के आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में चलने वाले हॉस्टलों (छात्रावासों) को अब कमर्शियल के बजाय घरेलू श्रेणी में रखा जाएगा, जिससे उनका बिल काफी कम हो जाएगा। सरल नियम और एक्स्ट्रा डिस्काउंट लेट पेमेंट सरचार्ज (बिल देरी से पटाने का शुल्क) अब महीने के बजाय सिर्फ वास्तविक देरी के दिनों के हिसाब से लगेगा। इसके अलावा, 10 किलोवाट से ज्यादा लोड वाले घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक अवधि (कम लोड वाले समय) में बिजली इस्तेमाल करने पर 20 पैसे प्रति यूनिट की अतिरिक्त छूट मिलेगी।

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