छतरपुर में महिला के बेटी को जन्म देने पर उसके पति ने उसके साथ मारपीट की है। पीड़िता बुधवार को एसपी ऑफिस में शिकायती आवेदन दिया जो गुरुवार को गढ़ीमलहरा थाने पहुंचा। पीड़िता का कहना है कि बेटी के जन्म के बाद पति और ससुराल पक्ष के लोग प्रताड़ित करने लगे। उन लोगों ने बच्ची की जान लेने का भी प्रयास किया। पीड़िता ने कहा कि वह ससुराल से जान बचाकर सीधे एसपी कार्यालय पहुंची है। जानकारी के अनुसार 21 वर्षीय श्याम बरार, निवासी पनागर गांव (पिपट थाना क्षेत्र) ने बताया कि उसकी शादी तीन साल पहले गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के उर्दमऊ गांव में हुई थी। पीड़िता के अनुसार, तीन माह पहले उसने एक बेटी को जन्म दिया, जिसके बाद से ही ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया और उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। बेटा नहीं हुआ तो मारपीट की और धमकी दी महिला का आरोप है कि पति और ससुराल वाले बेटा न होने की बात को लेकर उससे नाराज हैं और इसी कारण उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उसने बताया कि उसे कई बार घर से निकालने की धमकी दी गई और हाल ही में मारपीट की गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान पति ने नवजात बेटी का गला दबाने की कोशिश की और उस पर पैर रखकर नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया, जिसे किसी तरह उसने बचाया। इसके बाद वह किसी तरह अपनी बेटी को लेकर घर से निकलकर सीधे एसपी ऑफिस पहुंची। महिला ने कहा कि पति के किसी अन्य महिला से संबंध हैं जिसके प्रूफ भी उसके पास हैं। अगर वह वापस ससुराल जाती है तो उसकी और उसकी बेटी की जान को खतरा है। उसने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच में जुटी इस मामले में गढ़ीमलहरा थाना प्रभारी गीता सिंह ने बताया कि महिला सीधे एसपी कार्यालय पहुंची है, उनके थाने में अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि वहां एसपी ऑफिस से आवेदन की जानकारी मिल चुकी है और जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई है और पीड़िता के आरोपों की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।
