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चक दे इंडिया की कोमल चौटाला बोलीं- छत्तीसगढ़ मेरा ससुराल:कहा- बस्तर के झरने-जंगल दुनिया को दिखाने चाहिए, हॉकी ने फिल्म तक पहुंचाया

फिल्म चक दे इंडिया में हॉकी खिलाड़ी कोमल चौटाला का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री चित्रांशी रावत छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में शामिल होने रायपुर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल से खास बातचीत की। उन्होंने फिल्म से जुड़ी यादें साझा कीं और बताया कि किस तरह हॉकी ने उन्हें पहचान दिलाई। चित्रांशी का मानना है कि, छत्तीसगढ़ हॉकी लीग जैसे आयोजन प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देंगे। छत्तीसगढ़ मेरा ससुराल है और मैं बस्तर भी घूम चुकी हूं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खूबसूरती, खासकर बस्तर के जंगलों और झरनों को देशभर में प्रमोट करने की जरूरत भी बताई। बता दें कि, चित्रांशी रावत की शादी रायपुर के रहने वाले ध्रुवदित्य भगवनानी से हुई है। सवाल: ‘चक दे इंडिया’ फिल्म के बाद आपकी जिंदगी में क्या बदलाव आए? जबाव: फिल्म को काफी साल हो गए हैं, लेकिन खूबसूरत बात यह है कि इतने साल बाद भी लोग मुझे उस किरदार और फिल्म से पहचानते हैं। मैं आज छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में खड़ी हूं, तो इसकी वजह भी वही फिल्म है। इतने लोगों से मिलती हूं और आज भी लोग कोमल चौटाला के नाम से जानते हैं। यह बहुत अच्छा लगता है कि इतने साल बाद भी फिल्म का प्यार बना हुआ है। सवाल: आज की हॉकी में क्या बदलाव देखती हैं? जबाव: मैं हॉकी में हो रहे बदलावों को काफी करीब से देखती हूं। पहले इस तरह की लीग नहीं हुआ करती थीं। बहुत अच्छा लगता है कि, अब राज्य स्तर पर भी हॉकी को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ में यहां के खेल मंत्री अरुण साव और लोगों ने पहल की है कि प्रदेश में हॉकी को आगे बढ़ाया जाए। कई बच्चे खेलना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही मंच और मौका मिलना भी जरूरी है। जब अपने राज्य में उन्हें ऐसा प्लेटफॉर्म मिलता है, तो वे आगे चलकर देश का नाम रोशन कर सकते हैं। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की शुरुआत राज्य स्तर से ही होती है। सवाल: क्या इतने साल बाद भी हॉकी आपको आकर्षित करती है? जबाव: बिल्कुल। एक कहावत है- आप किसी व्यक्ति को खेल से दूर कर सकते हैं, लेकिन उसके अंदर से खिलाड़ी को नहीं निकाल सकते। मैंने चौथी कक्षा में हॉकी खेलना शुरू किया था। जब मैं 12वीं में पहुंची, तब तक ‘चक दे इंडिया’ कर चुकी थी। यानी मैंने अपने बचपन के कई साल हॉकी को दिए हैं। हॉकी की वजह से ही मुझे ‘चक दे इंडिया’ मिली और उसी फिल्म की वजह से आज मैं यहां खड़ी हूं। मेरे लिए हॉकी और यह फिल्म एक-दूसरे से बहुत गहराई से जुड़े हैं। सवाल: आपको ‘चक दे इंडिया’ में कोमल चौटाला का किरदार कैसे मिला? जबाव: जैसे आज बच्चे टूर्नामेंट खेलने जाते हैं, वैसे ही मैं भी जूनियर नेशनल खेलने मध्य प्रदेश के जबलपुर गई थी। वहां मैं हॉकी खेलने पहुंची थी। उसी दौरान फिल्म के डायरेक्टर शिमित अमीन ने मेरा ऑडिशन लिया। इसके बाद मेरा सिलेक्शन हो गया और धीरे-धीरे मैं फिल्म का हिस्सा बन गई। आज छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में आकर अच्छा लगता है, क्योंकि मेरी शुरुआत भी हॉकी के मैदान से हुई थी। एक खिलाड़ी के तौर पर शुरू हुआ सफर मुझे फिल्म तक ले गया। सवाल: क्या आज भी हॉकी खेलती हैं? जबाव: अब मैं हॉकी नहीं खेलती। उस समय मेरे साथ कैंप करने वाली कई खिलाड़ी आगे चलकर भारतीय टीम के लिए खेलीं और कुछ भारतीय टीम की कप्तान भी बनीं। अगर मैं भी खेल में आगे बनी रहती, तो शायद देश के लिए खेलने का मौका मिलता। लेकिन जिंदगी में हमारी राह अलग हो गई। सवाल: अपने फैशन सेंस को तीन शब्दों में कैसे बताएंगी? जबाव: कूल, कैजुअल और मूड के हिसाब से। मुझे लगता है कि जो उस वक्त अच्छा लगता है, मैं वही पहनना पसंद करती हूं। सवाल: आपकी नजर में सफलता के लिए सबसे जरूरी चीज क्या है? जबाव: मेरा मानना है कि सफलता के लिए एक सही मानसिकता बहुत जरूरी है। मैं खिलाड़ी रही हूं और खेल ने मुझे यह बात बहुत अच्छी तरह सिखाई है कि हार को दिल पर नहीं लेना चाहिए और जीत को सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए। मैं यही सोच लेकर आगे बढ़ी हूं। जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन अगर आप हार से सीखते हैं और जीत के बाद भी जमीन से जुड़े रहते हैं, तो आगे बढ़ना आसान होता है। सवाल: आप मुंबई में रहती हैं, लेकिन सुना है कि आपको समुद्र से ज्यादा पहाड़ और जंगल पसंद हैं? जबाव: बिल्कुल। मैं उत्तराखंड से आती हूं, जो पहाड़ी इलाका है। इसलिए पहाड़ों और जंगलों से मेरा जुड़ाव रहा है। छत्तीसगढ़ भी मैं आती रहती हूं, क्योंकि यह मेरा ससुराल है। यहां मैंने फिल्मों की शूटिंग भी की है और बस्तर को काफी अच्छे से घूम चुकी हूं। मुझे लगता है कि छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जिसे पर्यटन के लिहाज से और प्रमोट करने की जरूरत है। यहां इतने खूबसूरत झरने और जंगल हैं, लेकिन देश के बहुत से लोगों ने इस राज्य को उस नजर से देखा ही नहीं है। पिछले साल जब मैं बस्तर में शूटिंग कर रही थी, तब भी लोगों के मन में बस्तर को लेकर कई तरह की धारणाएं थीं। इसकी एक वजह यह भी है कि लोग यहां की खूबसूरती और पर्यटन स्थलों के बारे में ज्यादा नहीं जानते। मैं लोगों से कहना चाहूंगी कि छत्तीसगढ़ आइए, बस्तर घूमिए। यहां बहुत खूबसूरत जगहें हैं। लोगों को इस राज्य को करीब से देखना चाहिए। ………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… रायपुर में सरदार सिंह बोले- CHL से निकलेंगे स्टार: इन्फ्रास्ट्रक्चर-ट्रेनिंग पर काम करना होगा, बेस्ट टैलेंट को नेशनल कैंप में लाने की कोशिश रहेगी छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के ब्रांड एंबेसडर और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह का मानना है कि यह लीग प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मौका है। लंबे समय बाद छत्तीसगढ़ में इस स्तर का टूर्नामेंट हो रहा है। इसमें हर टीम के साथ ओलंपियन और अनुभवी खिलाड़ी जुड़े हैं, जिनसे युवा खिलाड़ी मैदान के अंदर और बाहर बहुत कुछ सीख सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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