लोकायुक्त पुलिस ने ग्वालियर में शुक्रवार शाम तहसील तानसेन के हल्का गूंधारा में पदस्थ महिला पटवारी रेखा शाक्य को किसान से रिश्वत की दूसरी किस्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी जमीन के सीमांकन और नामांतरण (दाखिल-खारिज) की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रही थी। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही संबंधित विभाग को भ्रष्ट पटवारी पर कार्रवाई के लिए लिखा है। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया कि सिरसौद मुरार निवासी मंशाराम ने 16 जून 2026 को लोकायुक्त कार्यालय ग्वालियर में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि ग्राम गूंधारा में उसकी बहन गुड्डी की जमीन का सीमांकन होना था। उसकी पत्नी सावित्रीबाई के नाम पर जमीन का नामांतरण होना था। इस कार्य को करने के एवज में हल्का पटवारी रेखा शाक्य पत्नी कृष्णकांत शाक्य लगातार चक्कर कटवा रही थी और 15,000 रुपए की रिश्वत मांग रही थी। पहली किस्त लेते ही पुख्ता हुआ था सबूत शिकायत मिलते ही लोकायुक्त एसपी ने मामले की सत्यता जांचने के लिए प्राथमिक सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान जब पीड़ित मंशाराम पटवारी से मिला, तो आरोपी रेखा शाक्य ने सौदेबाजी करते हुए शिकायतकर्ता से एडवांस के रूप में 3,500 रुपए ले लिए। वॉयस रिकॉर्डर और लोकायुक्त की जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि शत-प्रतिशत सही पाई गई, जिसके बाद शुक्रवार को ट्रैप की रणनीति तैयार की गई।
मुरार में तीसरी मंजिल के कमरे पर जाल बिछाकर दबोचा
शुक्रवार को तय रणनीति के मुताबिक, लोकायुक्त की टीम ने बताए गए घटना स्थल पर दबिश दी। उपनगर मुरार स्थित पूनम माथुर के मकान की तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में जैसे ही पीड़ित मंशाराम ने पटवारी रेखा शाक्य को रिश्वत की अगली किस्त के 5,000 रुपए थमाए, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया। केमिकल से धुलाते ही गुलाबी हो गए हाथ
जब पटवारी के हाथ केमिकल युक्त पानी से धुलवाए गए, तो उनका रंग गुलाबी हो गया, जो इस बात का पक्का वैज्ञानिक सबूत है कि नोटों को आरोपी ने ही छुआ था। लोकायुक्त ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा ने बताया लोकायुक्त संगठन मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर लगातार मुस्तैदी से काम कर रहा है। महिला पटवारी ने सीमांकन करने के बदले 15 हजार की रिश्वत मांगी थी। पहली किस्त 3500 रुपए की वह ले भी चुकी थीं। शुक्रवार को जब किसान ने 5 हजार रुपए दिए तो लोकायुक्त की टीम ने पटवारी को रंगे हाथ पकड़ लिया है।
