ग्वालियर में सराफा कारोबारी पिता-पुत्र की ठगी के शिकार लोग लगातार सामने आ रहे हैं। इन्होंने व्यापारियों, किसानों और आम लोगों का भरोसा जीतकर करोड़ों के गहने और नकदी हड़पी है। ये शहर के कुशवाह मार्केट (डीडी नगर) में वैष्णो ज्वेलर्स के नाम से दुकान संचालित करते थे। सबसे पहले इन्होंने एक प्रॉपर्टी कारोबारी मान सिंह गुर्जर से 80 लाख रुपए का सोना ठगा था। 4 जून को FIR हुई। 2 दिन बाद 6 जून को आरोपियों को मेरठ (UP) से गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से 1.50 करोड़ रुपए कीमत के 971 ग्राम सोने के जेवरात भी बरामद किए गए। इसके बाद तीन किसानों अनूप, दिनेश और धर्मेंद्र गुर्जर ने FIR दर्ज कराई। जैसे ही लोगों को पिता-पुत्र की करतूत पता चली 8 जून को एक साथ 10 नए फरियादी महाराजपुरा थाने पहुंच गए। पीड़ितों की संख्या 14 से अधिक हो गई है। जैसे-जैसे लोग सामने आते जा रहे हैं, जांच के बाद पुलिस FIR दर्ज कर रही है। अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने करीब 1.50 करोड़ रुपए कीमत की ज्वेलरी और 1 करोड़ रुपए की ठगी की है। घर बेच चुके थे, दुकान भी कर ली खाली पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे घर बेच चुके हैं। धीरे-धीरे कारोबार समेटने की तैयारी थी। दुकान खाली कर ली थी। कारोबार बंद कर चोरी छिपे उत्तर प्रदेश के मेरठ में शिफ्ट होने जा रहे थे। उन्होंने हॉलमार्किंग, पॉलिश और गिरवी रखने के नाम पर गोल्ड और रुपए ऐंठे की बात कबूल की है। दोनों को अनुमान था कि ग्वालियर से फरार होने के बाद कोई उन्हें आसानी से ढूंढ नहीं पाएगा। कुछ साल मेरठ में गुजारने के बाद किसी और राज्य में शिफ्ट हो जाएंगे। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। हॉलमार्क, पॉलिश और गिरवी के नाम पर फंसाया
महाराजपुरा निवासी धर्मवीर सिंह गुर्जर ने अन्य पीड़ितों के साथ थाने में जो शिकायत दर्ज कराई है, वह इन ठगों की कार्यप्रणाली को उजागर करती है। धर्मवीर ने नई चेन बनवाने के लिए ढाई तोला पुराना सोना और 65,000 रुपए कैश सचिन सोनी को दिए थे। 28 मई को जब वे चेन लेने पहुंचे, तो सचिन ने कहा कि ‘जेवर पर हॉलमार्क लगना बाकी है, थोड़ी देर में आना।’ इसके बाद वह दुकान का ताला डालकर शहर से भाग गया। विश्वास जीतकर किया करोड़ों का गेम पकड़े गए सराफा कारोबारी पिता-पुत्र इलाके में मिलनसार बनकर रहते थे। ऐसे में कोई उनकी नीयत पर शक नहीं कर सकता था। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने पहले बाजार में साख बनाई, लोगों का लाखों और करोड़ों का सोना (लोन/गिरवी/मेकिंग के नाम पर) अपने पास इकट्ठा किया, और जब उनके पास भारी मात्रा में कैश और गोल्ड जमा हो गया, तो वे दुकान समेटकर मेरठ (उत्तर प्रदेश) भाग गए। यह खबर भी पढ़ें… 33 दिन डराकर रिटायर्ड लेडी ऑफिसर से ठगे डेढ़ करोड़ ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन महिला से साइबर बदमाशों ने एक करोड़ 57 लाख 90 हजार रुपए ठग लिए। बदमाशों ने 69 वर्षीय मीनाक्षी नाखरे को टेलीकॉम डिपार्टमेंट, दिल्ली का आईपीएस अधिकारी और सीबीआई अफसर बनकर फोन किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
