कूनो नेशनल पार्क, श्योपुर और मुरैना के जंगलों में 10 तेंदुओं के शिकार से जुड़े मामले में आरोपी वाइल्ड लाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने मप्र हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें दिया गया अंतरिम गिरफ्तारी संरक्षण समाप्त कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उनकी याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। सत्यनारायण की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट में कहा कि उन्हें फरार बताया जाना सही नहीं है। हाई कोर्ट ने उन्हें 21 सितंबर को शिवपुरी में मप्र टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। याचिका में आशंका जताई गई है कि पूछताछ के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। याचिका में साजिश का आरोप मामले की जांच के दौरान 23 जुलाई को आगरा में 10 तेंदुओं की खाल बरामद की गई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार शिकारियों से पूछताछ में एसओएस से जुड़े लोगों पर शिकारियों की मदद करने के आरोप सामने आए थे। याचिका में आरोप है कि बाद में इन्हीं शिकारियों को पकड़वाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फंडिंग जुटाने की योजना बनाई जा रही थी। मामले में एजेंसी की जांच अभी जारी है। ये खबर भी पढ़ें… डीआरआई की वन्य जीव तस्करी में 6 बड़ी कार्रवाई देशभर में जंगली जानवरों को पकड़कर उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों को बेचने वाले गिरोह में एमपी का भी एक गिरोह सामने आया है। डीआरआई (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) ने देशभर में दस दिन के अंतराल में की गई कार्रवाई में सीधी में एक तेंदुए की खाल के साथ तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की है।पूरी खबर पढ़ें
