ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में एक बुजुर्ग नर तेंदुआ बीमार है। स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उसने अपना नियमित आहार लेना बंद कर दिया है। चिड़ियाघर प्रबंधन ने उसके उपचार और विशेष देखभाल की व्यवस्था की है। पशु चिकित्सकों की एक टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. यादव के अनुसार, तेंदुआ लगभग 20 वर्ष का हो चुका है। अधिक उम्र के कारण पिछले कुछ समय से उसका स्वास्थ्य लगातार खराब चल रहा है। बीमारी के चलते उसने ठोस भोजन लेना पूरी तरह बंद कर दिया है। उसकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने आहार में बदलाव किया है। उसे फिलहाल तरल आहार, चिकन सूप और अन्य पौष्टिक तरल पदार्थ दिए जा रहे हैं, ताकि शरीर को आवश्यक पोषण मिल सके। विशेषज्ञों की टीम हर समय कर रही निगरानी चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, तेंदुए का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उसकी गतिविधियों, भोजन और दवाओं पर लगातार नजर रख रही है। उसकी देखभाल के लिए विशेष कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है, ताकि उसकी स्थिति पर हर समय निगरानी बनी रहे। सभी आवश्यक इंतजाम किए गए गांधी प्राणी उद्यान के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि उचित उपचार, संतुलित आहार और निरंतर देखभाल से तेंदुए के स्वास्थ्य में जल्द सुधार होगा। उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उसे किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। सोनचिरैया अभयारण्य लाया गया था तेंदुए को वर्ष 2018 में घाटीगांव स्थित सोनचिरैया अभयारण्य क्षेत्र से रेस्क्यू कर गांधी प्राणी उद्यान लाया गया था। तब यह तेंदुआ एक कुएं में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। दुर्घटना में उसके दोनों पंजे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके कारण उन्हें काटना पड़ा था। चिड़ियाघर में लंबे समय तक उसका उपचार और विशेष देखभाल की गई थी।
