गोवा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट में नाम नहीं जुड़ने वाले 97 वोटरों को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनमें से 88 के फॉर्म जमा हो चुके, 3 के पास पुर्तगाली पासपोर्ट हैं, जबकि 6 विदेश में रहते हैं। इन 6 लोगों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इन 97 वोटरों को इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स ने पात्र माना था, लेकिन सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण उनके नाम अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सके थे। चुनाव आयोग ने छूटे वोटरों का घर-घर सर्वे किया गोवा के मुख्य चुनाव अधिकारी संजय गोयल ने 25 सितंबर को कहा था कि अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हुए 97 वोटरों को लेकर कोई समस्या नहीं है। छूटे वोटरों का घर-घर सर्वे कर लोगों से फॉर्म 6 भरवाया गया। आवेदन पूरा होने के बाद नाम वोटर लिस्ट में जोड़ दिए गए। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने इस मामले में ज्ञापन दिया था। अधिकारियों ने उन्हें SIR प्रक्रिया की जानकारी दी। चुनाव से पहले योग्य वोटर अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकते हैं और वोट डाल सकते हैं। SIR में नाम कटे तो दोबारा जुड़वाना आसान चुनाव आयोग ने SIR पूरा हो चुके राज्यों में फॉर्म-6 में बदलाव किया है। अब नाम दोबारा जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। आवेदक को खुद, माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस लिस्ट में होने की जानकारी भी नहीं देनी होगी। फॉर्म-6 से इससे जुड़ा घोषणा-पत्र हटा दिया गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नाम बिना जांच के जुड़ जाएगा। वोटर बनने की पात्रता की जांच पहले की तरह होगी। फॉर्म-6 की सामान्य प्रक्रिया भी जारी रहेगी। यह बदलाव फिलहाल सिर्फ उन राज्यों में लागू है, जहां SIR पूरा हो चुका है। SIR प्रक्रिया के बारे में जानें… 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ SIR SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई। तीसरा फेज: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है। पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे। —————————— ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- SIR पर 2 चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई:आयोग बोला- यह सामान्य प्रक्रिया; राहुल ने कहा- वोट चोरी में शामिल, तो नहीं बख्शेंगे चुनाव आयोग ने बुधवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयुक्तों में मतभेद से जुड़ी रिपोर्ट को खारिज कर दिया। चुनाव आयोग ने कहा कि पिछले एक साल में लिए गए सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
