ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र अंतर्गत पिछोर कस्बे में पैसों के लेनदेन के विवाद में एक गर्भवती महिला सहित दो महिलाओं के साथ लाठी-डंडों से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने पिछोर पुलिस पर रिपोर्ट न लिखने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। सुनवाई न होने पर पीड़ित पक्ष घायलों को लेकर डबरा सिटी थाने पहुंच गया, जहां शहर थाना प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद पिछोर पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। पैसों के विवाद में लाठी-डंडों से हमला पिछोर के वार्ड नंबर 3 निवासी पीड़ित हरीराम आदिवासी ने बताया कि सोमवार देर शाम उनके घर के बाहर पैसों के लेनदेन को लेकर रवि, लखन, राजा, सूरज, मिथिलेश, अन्नू और भूरी गाली-गलौज कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में उनकी बेटियां राजो और रोशनी गंभीर रूप से घायल हो गईं। रोशनी गर्भवती है और उसे गंभीर चोटें आई हैं। डबरा थाने के बाहर हंगामा किया पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद वे तुरंत पिछोर थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बिना सुनवाई के उन्हें वापस लौटा दिया। इसके बाद वे घायल बेटियों को लेकर डबरा सिटी थाने पहुंचे और थाने के बाहर लेटा दिया। मामला देखकर डबरा सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा तुरंत बाहर आए और मानवीयता दिखाते हुए घायलों को डबरा सिविल अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने पिछोर थाना प्रभारी को भी मामले से अवगत कराया, जिसके बाद पिछोर पुलिस अस्पताल पहुंची और घायलों के बयान दर्ज किए। दोनों पक्षों में विवाद, कार्रवाई की जा रही मामले में पिछोर थाना प्रभारी शिवम राजावत ने पुलिस पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पैसों के लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था और दोनों तरफ के लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मेडिकल कराने के लिए भेजा था, लेकिन ये लोग डबरा थाने चले गए। घायलों का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है और मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
