बड़वानी जिले के राजपुर तहसील क्षेत्र से दिनदहाड़े एक युवती को खेत से जबरन उठाकर ले जाने का वीडियो सामने आया है। आरोप है कि बेजा प्रथा के तहत युवती के परिजनों ने करीब 2 लाख रुपए लेने के बाद भी उसे युवक के साथ नहीं भेजा। इसके बाद 25 से 30 युवक गांव पहुंचे, युवती को खेत से जबरन बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए। घटना का वीडियो 7 जुलाई की दोपहर का बताया जा रहा है। पुलिस ने युवती को सकुशल बरामद कर लिया है और मामले की जांच जारी है। राजपुर थाना प्रभारी माधव सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम गांव भेजी गई। युवती को निहाली गांव से सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने हुकुम रावत और उसके साथियों के खिलाफ अपहरण सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। देखिए अपहरण की तस्वीरें क्या है पूरा मामला? पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार, युवती का रिश्ता निहाली गांव निवासी हुकुम रावत से तय हुआ था। बेजा प्रथा के तहत हुकुम की ओर से युवती के परिजनों को करीब 2 लाख रुपए दिए गए थे। आरोप है कि इसके बावजूद युवती को उसके घर नहीं भेजा गया। इसके बाद हुकुम 25 से 30 लोगों के साथ इंद्रपुर गांव पहुंचा और खेत में मौजूद युवती को जबरन बाइक पर बैठाकर ले गया। वीडियो में भी कुछ लोग बातचीत के दौरान यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि युवती का बेजा हो चुका था, लेकिन परिजन ने राशि लेने के बाद भी उसे नहीं भेजा, इसलिए उसे जबरन ले जाया गया। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है। शादीशुदा होने का पता चलने पर लौट आई थी युवती ग्रामीणों के मुताबिक, हुकुम और युवती कुछ समय साथ रहे। बाद में युवती को पता चला कि हुकुम पहले से शादीशुदा है। इसके बाद वह उसे छोड़कर अपने गांव लौट आई। हुकुम दो बार उसे लेने पहुंचा, लेकिन युवती ने जाने से इनकार कर दिया। बाद में वह अपनी बुआ के घर जलगोन चली गई, जहां से हुकुम अपने साथियों के साथ उसे उठा ले गया। ग्रामीणों का कहना है कि हुकुम का दावा था कि उसने बेजा दिया है, इसलिए युवती पर उसका अधिकार है। आदिवासी विकास परिषद ने उठाए सवाल मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य प्रतिनिधि राहुल सोलंकी ने कहा कि यदि वीडियो में दिख रही घटना सही है तो यह कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने पुलिस से 24 घंटे के भीतर मामले की निष्पक्ष जांच कर पूरी सच्चाई सार्वजनिक करने की मांग की। क्या है बेजा प्रथा? निमाड़ क्षेत्र में बेजा प्रथा (बेगार या भगोरिया से जुड़ी अपहरण विवाह प्रथा) आदिवासी समाज से जुड़ी है। इसके तहत युवक-युवती सहमति से घर से भागकर विवाह कर लेते हैं। जब लड़की मर्जी से लड़के के घर आ जाती है तो पंच और समुदाय उसे मान्यता देते हैं। इसके बाद दोनों पक्षों के परिवारों के बीच आपसी समझाइश और दंड (जुर्माने) के माध्यम से रिश्ते को अंतिम रूप दिया जाता है। ………………… यह खबर भी पढ़ें… जबलपुर में मोबाइल चोरी के शक में छात्रों में संघर्ष: एक ने दूसरे गुट के छात्रों को लात-घूसों से पीटा जबलपुर में मोबाइल चोरी के विवाद को लेकर स्कूली छात्रों के दो गुटों के बीच सड़क पर हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक गुट ने दो छात्रों पर चाकू, पत्थर और लात-घूसों से हमला कर दिया। घटना में दोनों छात्र घायल हो गए। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर
