खंडवा जिले में ई-फार्मेसी के अवैध संचालन के विरोध में 20 मई को 450 से अधिक थोक और फुटकर दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर मेडिकल संचालकों ने इस एक दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया है। हालांकि, मरीजों की आपातकालीन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस दौरान सरकारी जन औषधि केंद्र और नर्सिंग होम से जुड़ी मेडिकल सुविधाएं खुली रहेंगी। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोवर्धन गोलानी का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री के बढ़ते चलन से जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे पैदा हो रहे हैं। कई ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना किसी पर्याप्त निगरानी के दवाओं की सप्लाई कर रहे हैं। इससे बाजार में नकली, गलत और अनुचित भंडारण वाली दवाओं के आने का खतरा काफी बढ़ गया है। प्रिस्क्रिप्शन और फार्मासिस्ट की निगरानी जरूरी
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि दवाओं के सुरक्षित वितरण के लिए फिजिकल प्रिस्क्रिप्शन और फार्मासिस्ट की निगरानी बेहद जरूरी होती है। मेडिकल स्टोर्स पर मरीज की स्थिति और डॉक्टर की पर्ची देखने के बाद ही दवा दी जाती है। वहीं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। बिना डॉक्टरी सलाह के दवाएं मंगाने का बढ़ा चलन
केमिस्ट एसोसिएशन ने चिंता जताई है कि लोग एआई (AI) आधारित प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन माध्यमों से सीधे दवाएं मंगाने लगे हैं। इससे बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का उपयोग और ज्यादा बढ़ सकता है। बड़े शहरों में यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है और अब इसका सीधा असर छोटे शहरों तक भी पहुंच रहा है। एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल और नशे का डर
पदाधिकारियों का दावा है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण नहीं होने से एंटीबायोटिक दवाओं का गलत इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा। इससे एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या और विकराल रूप ले सकती है। इसके अलावा नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई बढ़ने से अपराधों में भी वृद्धि होने की आशंका है। एक दिन पहले जरूरी दवाएं खरीदने की अपील
इस हड़ताल को देखते हुए केमिस्ट एसोसिएशन ने नियमित रूप से दवा लेने वाले मरीजों से एक खास अपील की है। उन्होंने कहा है कि लोग 20 मई से पहले अपनी आवश्यक दवाओं की व्यवस्था कर लें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बता दें कि बंद के दौरान जिले की अधिकांश निजी मेडिकल दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी।
