गुना में जिला कोर्ट के गेट के सामने बुधवार को मामूली विवाद ने अपहरण और मारपीट का रूप ले लिया। बाइक टकराने को लेकर शुरू हुए झगड़े के बाद हथियारों के दम पर दो युवकों का अपहरण कर लिया गया। जानाकारी के अनुसार रशीद कॉलोनी के रहने वाले धनराज सिंह जाट उर्फ आशु (21) पिता धर्मपाल सिंह जाट ने पुलिस को बताया कि दोपहर की बात है। वह अपने दोस्त दीपक ओझा के साथ अपने पापा के केस की नकल निकलवाने के लिए जिला कोर्ट गुना गया था। गुना कोर्ट के गेट के बाहर उसके दोस्त हेमंत राजपूत और नितिन यादव मिल गए, जिनसे बात करने के लिए वह अपनी मोटरसाइकिल कोर्ट के बाहर खड़ी करके बातचीत करने लगा। बाइक से टक्कर के बाद विवाद हुआ
इसी दौरान अक्षय शुक्ला ने पीछे से उसकी बाइक में अपनी मोटरसाइकिल अड़ा दी। इस बात पर उसका अक्षय शुक्ला से विवाद हो गया। इसके बाद अक्षय अंदर चला गया और कुछ देर बाद फिर अपनी मोटरसाइकिल लेकर आया और बोला कि “तू यहीं रुक, आज तुझे बताता हूं।” यह कहकर वह चला गया। धर्मपाल अपने दोस्त नितिन से पैसे लेने के लिए वहीं खड़ा रहा। दस मिनट बाद साथियों के साथ हथियार लेकर लौटा
करीब दस मिनट बाद अक्षय शुक्ला अपने दोस्त विशाल अन्नोटिया, नकुल अन्नोटिया और उनके दो साथियों के साथ मोटरसाइकिलों से एक राय होकर वहां पहुंचे। अक्षय ने कहा कि आज इसे जान से खत्म कर देते हैं। इसी दौरान विशाल अन्नोटिया ने जान से मारने की नीयत से धर्मपाल पर पिस्टल चला दी, जो मिसफायर हो गई। डर के कारण उसका दोस्त नितिन यादव वहां से भाग गया। पिस्टल छीनी तो दोस्तों का अपहरण किया
धर्मपाल ने झपटकर विशाल अन्नोटिया की पिस्टल छीन ली। इस दौरान उसने देखा कि नकुल अन्नोटिया भी पिस्टल लिए हुए था और अक्षय तलवार लिए हुए था। अक्षय, नकुल और उनके दो साथी उसके दोस्तों के साथ झूमाझटकी और मारपीट कर रहे थे। इसी बीच धर्मपाल विशाल से छीनी हुई पिस्टल लेकर नगर पालिका की ओर भागा। उसने सोचा कि वहां पुलिस खड़ी होगी तो आरोपी उसे देखकर भाग जाएंगे और उसे मदद मिल जाएगी। जब उसने पीछे मुड़कर देखा तो आरोपी उसके दोस्त दीपक ओझा और हेमंत राजपूत को पिस्टल और हथियारों के दम पर मोटरसाइकिलों पर बैठाकर अपहरण कर ले गए। उसकी शिकायत पर कैंट पुलिस ने तीन नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने दोनों को छुड़ाया
कैंट पुलिस की टीम ने अपहरणकर्ताओं और अपहृत दोनों युवकों को छुड़ाने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान आरोपी लगातार धर्मपाल को फोन कर पिस्टल वापस मांगते रहे और धमकी देते रहे कि अगर पिस्टल नहीं दी तो दोनों लड़कों को मार देंगे। पुलिस ने जांच शुरू की और देर शाम आरोपियों तक पहुंची और धर्मपाल के दोनों दोस्तों को सुरक्षित मुक्त करा लिया। साथ ही दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जबकि बाकी आरोपी फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
