मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में शुक्रवार शाम 5-6 आवारा कुत्तों ने एक महिला पर अटैक कर दिया। खूंखार कुत्तों के झुंड ने महिला को नोच-नोचकर मार डाला। महिला के गले और चेहरे पर चोटें हैं। मृतक की पहचान पाटी नाका टीन शेड निवासी 35 वर्षीय लीला बाई (पति दिलीप बकावले) के रूप में हुई है। परिजन के अनुसार, लीला बाई रोज की तरह शुक्रवार शाम करीब 5 बजे राजघाट रोड स्थित ईंट भट्टों के आसपास सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। महिला को जमीन पर गिराकर हाथ, पैर, पेट और गले पर बुरी तरह नोच डाला। ये तस्वीरें देखिए… चश्मदीद ने पत्थर मारकर कुत्तों को भगाया वहीं पास ही ईंट भट्टे पर काम करने वाले गोलू गोले ने बताया कि अचानक कुत्तों के भौंकने और महिला की चीखने की आवाज सुनाई दी। जब वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि कुत्तों का झुंड महिला को नोच रहा था। गोलू ने तुरंत पत्थर मारकर कुत्तों को वहां से भगाया। इस दौरान कुत्तों के हमले से लीला बाई गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। वह खून से सनी हुई थी, दर्द से जमीन पर तड़प रही थी और बचाओ-बचाओ चिल्ला रही थी। ब्लीडिंग ज्यादा हो जाने की वजह से महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर शुरू की जांच वहीं कुत्तों को भगाने के बाद गोलू गोले ने तत्काल कोतवाली पुलिस और मृतक के परिजन को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बड़वानी जिला अस्पताल भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शनिवार को शव परिजनों को सौंपा जाएगा। नगर पालिका से कई बार शिकायत की गई वहीं कुत्तों के आतंक को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि राजघाट रोड, बस स्टैंड और जिला अस्पताल परिसर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड लगातार घूमते रहते हैं। कई बार नगर पालिका से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नगर पालिका नहीं कर रही अपना काम विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनडे ने बताया- शहर के मुख्य मार्गों, चौराहों और रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों का जमावड़ा होने से लोगों, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों का निकलना मुश्किल हो गया है। नगर पालिका नसबंदी और टीकाकरण जैसे बचाव कार्य सुचारू रूप से नहीं कर रही है। CMO बोलीं- अभी ये क्लियर नहीं हुआ कि यह डॉग्स बाइट नगर पालिका सीएमओ सोनाली शर्मा ने बताया- ये घटना नगरीय क्षेत्र सीमा के बाहर की है। हमारी टीम नगर में आवारा कुत्तों को लेकर वैक्सिनेशन अभियान चला रही है। हर मोहल्ले में वैक्सिनेशन कराया जा रहा है। अधिकतर डॉग्स को टीका लगाया जा चुका है। अभी ये क्लियर नहीं हुआ कि यह डॉग्स बाइट है। ……………………………………. डॉग बाइट की 3 दर्दनाक कहानियां ‘18 सितंबर 2018, मैं इस तारीख और साल को नहीं भूल सकती। इस दिन मेरे बेटे के साथ जो घटना हुई उसने उसकी जिंदगी बदल दी है। आज भी वह रात में कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर नींद में चीखने लगता है। कुत्तों के हमले की खबरें पढ़ता है, तो रोने लगता है। महज 12 साल की उम्र में उसके बाल सफेद हो गए है, दवाइयों के साइड इफेक्ट्स के चलते उसे हेल्थ इश्यू होने लगे हैं।’ पढ़ें पूरी खबर…
