भोपाल के कोहेफिजा स्थित ओल्ड सेक्रेटिएट में नया प्रशासनिक कॉरिडोर बनेगा। जिसमें कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय होंगे। इसमें कई विभाग है। जिसकी शिफ्टिंग शुरू हो गई है। सोमवार को कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने बैठक लेकर 10 अगस्त तक सभी दफ्तरों को शिफ्ट करने के निर्देश दिए। बता दें कि हाउसिंग बोर्ड ने मौजूदा कलेक्टोरेट परिसर में ही नए कंपोजिट एडमिनिस्ट्रेटिव हब के निर्माण का आधिकारिक टेंडर जारी किया है। इसके साथ ही पर्यावरणीय अड़चनों में फंसा प्रोफेसर कॉलोनी वाला पुराना प्रस्ताव भी समाप्त हो गया। अब ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर ही भोपाल का नया प्रशासनिक कॉरिडोर बनेगा, जहां कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय एक ही परिसर में संचालित होंगे। इस निर्माण के बदले चयनित डेवलपर को पुराने सचिवालय परिसर में 3.36 हेक्टेयर जमीन कंपंसेटरी लैंड पार्सल (सीएलपी) के रूप में मालिकाना हक के साथ दी जाएगी। इस जमीन का मिक्स लैंड यूज रखा गया है, यानी यहां रेसीडेंशियल और कमर्शियल हाईराइज प्रोजेक्ट विकसित किए जा सकेंगे। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 217.96 करोड़ रुपए है, जबकि बदले में दी जाने वाली जमीन की कीमत 256.92 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह पूरा मॉडल राज्य सरकार की री-डेंसिफिकेशन नीति के तहत लागू किया जा रहा है, ताकि सरकारी खजाने पर सीधा वित्तीय बोझ न पड़े। एक परिसर में होंगे तीन बड़े दफ्तर
प्रोजेक्ट के तहत जी+7 कंपोजिट ऑफिस बिल्डिंग बनाई जाएगी, जिसमें कलेक्टर कार्यालय, संभागायुक्त कार्यालय और आईजी कार्यालय संचालित होंगे। इसके अलावा जी+2 मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें 80 ईसीएस क्षमता रहेगी। परिसर में संप वेल, बिजली सब-स्टेशन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। 3 हिस्सों में बांटी गई डेवलपमेंट लैंड
डेवलपर को दी जाने वाली जमीन तीन हिस्सों में बांटी है। सीएलपी-1 सबसे बड़ा 2.15 हेक्टेयर का ब्लॉक होगा। 0.63 हेक्टेयर और 0.58 हेक्टेयर के दो अन्य पार्सल भी शामिल किए गए हैं। ये ऑफिस शिफ्ट होंगे
बैठक में कमिश्नर शर्मा ने ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर के अंतर्गत सभी शासकीय कार्यालय की शिफ्टिंग के संबंध में चर्चा की। कलेक्ट्रेट कार्यालय का अभिलेखागार, परिसर का अधिवक्ता हॉल, न्यायालय, पुलिस महानिरीक्षक, सायबर सेल सहित अन्य कार्यालयों को 10 अगस्त तक शिफ्टिंग करने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास, कृषि, श्रम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कार्यालय शिफ्ट किए जा चुके हैं। तहसील हुजूर, तहसील बैरागढ़ शहर को नए भवन में शीघ्र अति शीघ्र शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए गए। भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को आर्थिक विकास का मॉडल बनाएं
सोमवार को ही कमिश्नर शर्मा ने भोपाल विकास प्राधिकरण की बैठक भी की। उन्होंने कहा कि भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को आर्थिक विकास का मॉडल बनाएं। इसके लिए सभी संबंधित विभाग पूरे समन्वय से कार्य करें। बैठक में बीडीए की अलग-अलग संचालित एवं निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में एकाई सिटी, भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR), नवीन प्रोजेक्ट के टेंडर प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई। शर्मा ने भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) प्लान से जुड़े काम की प्रगति बैठक में BMR के ओवरव्यू, प्रोजेक्ट की प्रस्तावित समय-सीमा और इसमें शामिल काम के अलग-अलग चरणों की जानकारी को प्रजेंटेंशन के माध्यम से समय-सीमा तैयार करने की प्रक्रिया और मौजूदा स्थिति के विश्लेषण पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें डेमोग्राफी, मोबिलिटी और ट्रांसपोर्टेशन, इकॉनमी, इकोलॉजी और प्राकृतिक संसाधन, फिजिकल और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान दिया गया है। बीएमआर का आर्थिक मॉडल जिसमें नाॅलेज एवं एआई सिटी के साथ क्षेत्रवार एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर लॉजिस्टिक एवं सेटेलाइट टाउन, पर्यटन एवं कृषि आधारित उद्योगों का क्षेत्रवार विकास शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि, औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा और पर्यटन जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए मुख्य संभावित इलाकों की पहचान की गई है। सभी संबंधित क्षेत्रों के स्टेकहोल्डर के साथ बैठकें करने, सुझाव आमंत्रित करने और जी -20 सम्मेलन आयोजित करने का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। इससे प्रोजेक्ट की समग्र कार्यप्रणाली और आउटपुट को मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के साथ व्यापक स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन करने का भी निर्देश दिया। ताकि, उन्हें योजना बनाने की प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। इससे क्षेत्र के समग्र विजन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कमिश्नर ने बैठक में अलग – अलग स्तर पर लंबित प्रोजेक्टस की समीक्षा के दौरान मिसरोद फेस-1, आईएसवीटी, विवेकानंद के साथ – साथ रिडवलपमेंट कार्यों में गति लाने के लिए सभी संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय करने के निर्देश दिए।
