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ओरछा-झांसी के बीच 631 करोड़ से बनेगा दक्षिणी बाईपास:केन्द्र ने दी मंजूरी, 15.5 किमी लंबे 4 लेन रोड से 5 नेशनल हाईवे का ट्रेफिक गुजरेगा

बुंदेलखंड के सबसे महत्वपूर्ण जंक्शन झांसी और पर्यटन नगरी ओरछा के बीच यातायात की सूरत बदलने वाली है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने झांसी के लिए 15.5 किलोमीटर लंबे 4-लेन दक्षिणी बाईपास के निर्माण को मंजूरी दे दी है। 631.73 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट न केवल झाँसी को जाम से मुक्ति दिलाएगा, बल्कि मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले और उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले के बीच कनेक्टिविटी का नया अध्याय लिखेगा। यह बाईपास बंगाय खास से शुरू होकर ओरछा तिगेला तक जाएगा, जो एनएच-44 और एनएच-39 को सीधे जोड़ेगा। पांच नेशनल हाईवे का संगम, मिलेगी बड़ी राहत झांसी भौगोलिक रूप से देश का बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां से पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर (NH-27), उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर (NH-44) के साथ-साथ NH-39, NH-539 और NH-552 जैसे पांच बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। वर्तमान में इन सभी हाईवे का ट्रैफिक शहर के मुख्य इलाकों से होकर निकलता है, जिससे दिनभर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। नया दक्षिणी बाईपास तैयार होने के बाद, प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत की ओर जाने वाले भारी वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे। इससे स्थानीय निवासियों को प्रदूषण और शोर-शराबे से राहत मिलेगी और शहर के भीतर लगने वाले समय में भारी कमी आएगी। BIDA और औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार झांसी में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बसाए जा रहे नए औद्योगिक शहर (BIDA) के लिए यह बाईपास ‘लाइफलाइन’ साबित होगा। आने वाले समय में यहां बड़े उद्योगों की स्थापना के साथ भारी माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) की मांग बढ़ेगी। दक्षिणी बाईपास उद्योगों के कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन के लिए एक निर्बाध रास्ता (सीमलैस कनेक्टिविटी) प्रदान करेगा। माल ढुलाई में लगने वाले समय की बचत से व्यापारिक लागत कम होगी, जिससे बुंदेलखंड में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। ओरछा के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख यह प्रोजेक्ट विशेष रूप से पर्यटन के लिहाज से बेहद खास है, क्योंकि बाईपास का समापन ओरछा तिगेला पर होगा। ओरछा यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है और यहां का राम राजा मंदिर, जहांगीर महल और बेतवा वन्यजीव अभयारण्य दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हाईवे तक बेहतर और सुगम पहुंच होने से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। पर्यटन बढ़ने से होटल, गाइड और हस्तशिल्प जैसे स्थानीय व्यवसायों को मजबूती मिलेगी, जिससे निवाड़ी और झाँसी दोनों जिलों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

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