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ओमान के पास जहाज पर हमला, 14 भारतीय सवार थे:13 का रेस्क्यू हुआ, एक लापता; भारत ने हमले की निंदा की

ओमान के तट के पास रविवार को कमर्शियल जहाज एमटी एल गाइया पर हमला हुआ। जहाज पर 14 भारतीय सवार थे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि 13 भारतीय क्रू सदस्यों को बचा लिया गया है। एक भारतीय अब भी लापता है और उसकी तलाश जारी है। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि लापता भारतीय की तलाश के लिए बचाव अभियान चल रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर रख रहा है। दूतावास ओमानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। हालांकि, अभी तक हमले की जिम्मेदारी अमेरिका या ईरानी सेना ने नहीं ली है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जहाज भी हमले की चपेट में भारत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रविवार सुबह ईरान के केश्म द्वीप के पास एक ईरानी कार्गो जहाज पर भी हमला होने की खबर सामने आई। यह इलाका होर्मुज स्ट्रेट में आता है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में एक शख्स की मौत हुई और चार लोग घायल हुए। हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी और लोगों को बाहर निकालने का ऑपरेशन शुरू किया गया था। केश्म के गवर्नर हुसैन अमीरतेइमूरी ने तस्नीम से कहा कि जहाज पर हमला एक प्रोजेक्टाइल से किया गया था। उन्होंने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार बताया। इस हमले से कुछ घंटे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने सोशल मीडिया पर कहा था कि ईरान के लोगों को दबाव डालकर झुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ‘ईरान सरेंडर नहीं करेगा।’ रिपोर्ट- होर्मुज में नए रास्ते पर ईरान-ओमान में समझौता हुआ ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को लेकर एक समझौता किया है। ईरान की न्यूज एजेंसी तस्नीम ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया कि दोनों देशों ने होर्मुज से जहाजों के आने-जाने के रास्ते की जानकारी तय कर ली है। सोमवार को ओमान की राजधानी मस्कट में होने वाली क्षेत्रीय बैठक में खाड़ी देशों को इस समझौते की जानकारी दी जाएगी। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने बताया कि क्षेत्र के अरब देशों के विदेश मंत्री ओमान में बैठक करेंगे। इसमें होर्मुज के रास्ते को लेकर सहमति बनाई जाएगी। इसके बाद इस व्यवस्था की जानकारी अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को दी जाएगी। नया रास्ता पूरी तरह ईरान के इलाके में नए समझौते के तहत खाड़ी देशों से होर्मुज में प्रवेश करने वाला रास्ता पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय जल में होगा। बाहर निकलने वाले रास्ते का एक हिस्सा भी ईरान के क्षेत्रीय जल में रहेगा। तस्नीम ने ईरानी सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। व्यवस्था पर सहमति बनने के बाद होर्मुज का दक्षिणी रास्ता सीधे बंद कर दिया जाएगा। यह अमेरिका की मांग के खिलाफ है। जंग के बाद अब तक दो रास्तों में बंटा होर्मुज जंग शुरू होने से पहले होर्मुज को एक ही समुद्री रास्ता माना जाता था। जहाज तय रास्ते से गुजरते थे। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद अभी तक यह अहम समुद्री मार्ग दो अलग रास्तों में बंट गया। ईरानी रास्ता: यह होर्मुज के उत्तरी हिस्से में ईरान के तट के पास है। यह लारक और किश्म द्वीपों के करीब से गुजरता है और ईरान के बंदरगाहों और तेल टर्मिनलों तक जाता है। ओमानी रास्ता: यह होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में ओमान के करीब है और ईरान के तट से दूर है। अमेरिका इसी रास्ते से जहाजों को गुजरने पर जोर देता है। अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा में चलने वाले कई कॉमर्शियल जहाज भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ——————- यह खबर भी पढ़ें… होर्मुज के बाद अब दूसरे तेल रूट पर संकट: अल मंदेब पर हूती विद्रोहियों का कब्जा; कहा- सऊदी अरब के अलावा किसी का जहाज नहीं रोकेंगे होर्मुज स्ट्रेट के बाद अब एक और समुद्री ऑयल रूट बाब अल-मंदेब स्ट्रेट संकट में है। यमन के हूती विद्रोहियों ने यहां कब्जे का एलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…

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